अमरोहा में लव जिहाद पर पहली सजा:अफजल ने अरमान बनकर हिंदू युवती से किया था प्रेम, अब पांच साल की हुई सजा

अमरोहा16 दिन पहले
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उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण कानून के तहत पहली सजा का ऐलान किया गया है। अमरोहा कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। अमरोहा की अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) कपिला राघव ने शनिवार को धर्मांतरण कानून और अन्य आरोपों में अफजल को पांच साल की सजा और 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

पूरा मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र का है। यहां के रहने वाले कारोबारी की हसनपुर-गजरौला रोड पर नर्सरी है। मार्च 2021 में कारोबारी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नर्सरी पर मौजूद थे। तभी एक व्यक्ति नर्सरी पर पौधे खरीदने पहुंचा था। उसकी गाड़ी पर संभल जनपद के हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव मंगलपुरा सरायतरीन निवासी मोहम्मद अफजल बतौर ड्राइवर आया था। तभी मोहम्मद अफजल की मुलाकात नर्सरी संचालक की 16 वर्षीय बेटी से हो गई।

धर्म छिपाकर गलत नाम बताया
इस दौरान मोहम्मद अफजल ने अपना धर्म छिपाकर खुद को अरमान कोहली (हिंदू धर्म) से बताया था। अफजल ने अपना धर्म छिपाकर किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। जिसके बाद दोनों फोन पर बात करने लगे। व्हाट्सएप पर चैट भी करते थे।

दो अप्रैल 2021 को अफजल नर्सरी संचालक की बेटी से शादी करने के उद्देश्य से उसका अपहरण कर दिल्ली ले गया। लेकिन शादी करने से पहले ही उसकी असलियत का पता चलने पर किशोरी के होश उड़ गए। विरोध करने पर उसने किशोरी के साथ छेड़खानी की। साथ ही जान से मारने की धमकी दी।

दोनों को दिल्ली से किया गया था बरामद
इस मामले में नर्सरी संचालक ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने दोनों को नई दिल्ली के उस्मानपुर थानाक्षेत्र से बरामद कर लिया था। तभी किशोरी ने आरोपी मोहम्मद अफजल पर धर्म बदलकर शादी करने के लिए झांसे में लेने का आरोप लगाया था।

इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 के तहत केस दर्ज किया था। बाद में मोहम्मद अफजल को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था।

अमरोहा कोर्ट ने सुनाया फैसला
मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) डॉ. कपिला राघव की अदालत में विचाराधीन था। न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। न्यायालय ने साक्ष्य के आधार पर आरोपी मोहम्मद अफजल को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था।

अफजल को पांच साल की सजा
शनिवार को न्यायालय ने दोषी मोहम्मद अफजल को पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 बनने के बाद प्रदेश में कई मुकदमे दर्ज हुए हैं। लेकिन ये प्रदेश का पहला मामला है। जिसमें दोषी को सजा हुई है।

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