दुष्कर्म पीड़िता की हत्या में 3 पर केस:अखिलेश का तंज- यूपी में सरकार फरार है, कुछ भ्रष्ट पुलिसवालों को सस्पेंड करके भाजपा सरकार बच नहीं सकती

अमरोहा3 महीने पहले
रविवार को दुष्कर्म पीड़िता का शव पेड़ पर लटका मिला था।

अमरोहा में दुष्कर्म पीड़िता की हत्या के 24 घंटे बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा है कि "अमरोहा में दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़िता की हत्या का मामला बेहद गंभीर,दुखद व शर्मनाक है। श्रद्धांजलि! इस संबध में कुछ भ्रष्ट पुलिसवालों को निलंबित करके उप्र की भाजपा सरकार बच नहीं सकती। दुष्कर्म का आरोपी सितम्बर से फरार है। दरअसल उप्र में सरकार ही फरार है। निंदनीय !"

गिरफ्तारी नहीं हो सकी अब तक
हालांकि, एसपी पूनम ने इंस्पेक्टर सतीश कुमार आर्य, सिपाही सुमित व राहुल को निलंबित कर दिया। साथ ही दुष्कर्म के आरोपी मोनू, उसका भाई सोनू और मां विमला शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज हाे गया है, लेकिन अभी तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है।

क्या है मामला?
रविवार रेप पीड़िता का शव पेड़ पर लटका मिला। पीड़िता के साथ एक महीने पहले गांव के ही युवक ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया था। पुलिस आरोपी को बचाने में जुटी थी। एक महीने से भी अधिक समय बीतने के बावजूद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। परिजनों के कम पढ़े लिखे होने का फायदा उठाकर पुलिस ने तहरीर से रेप की बात हटाकर मामला छेड़खानी में दर्ज किया। मामला तूल पकड़ने पर SP ने इंस्पेक्टर समेत 3 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

दबंग ने घर में घुसकर किया था रेप
16 वर्षीय लड़की के साथ रेप की यह घटना आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है। घटना 25 सितंबर को उस समय घटी जब पीड़िता घर में अकेली थी। गांव का दबंग मोनू शर्मा घर में घुस आया और उसने लड़की से जबरन रेप किया। जाते समय लड़की को धमकी दी कि किसी को बताया तो उसे जान से मार देगा।

रविवार को दुष्कर्म पीड़िता की हत्या कर दी गई थी।
रविवार को दुष्कर्म पीड़िता की हत्या कर दी गई थी।

पुलिस ने FIR से गायब की रेप की धारा
लड़की ने परिजनों के लौटने पर घटना की जानकारी दी तो पिता और चाचा रिपोर्ट लिखाने आदमपुर थाने गए। लेकिन इंस्पेक्टर और सिपाही सुमित ने पीड़िता के परिजनों के कम पढ़े लिखे होने का फायदा उठाया। मनचाही तहरीर लिखकर साइन करा लिए। रिपोर्ट से रेप की बात गायब करके छेड़छाड़ की धाराओं में FIR दर्ज कर ली। पीड़िता की उम्र भी 19 वर्ष दर्शा दी। ताकि आरोपी पर पॉक्सो एक्ट लगने से बचाया जा सके। परिजनों का कहना है कि सिपाही सुमित का आरोपी के घर खूब आना जाना है। इसलिए पुलिस ने रेप और पॉक्सो एक्ट के बजाए मामले को छेड़खानी में दर्ज की।

तुझे मार देंगे तो कौन देगा गवाही
नाबालिग लड़की से घर में घुसकर रेप करने वाले मोनू शर्मा का इलाके में दबदबा बताया जाता है। पुलिस में भी उसकी ठीक पैठ है। यही वजह है कि उसके खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज होने के एक महीने बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। पुलिस ने एक भी बार उसके घर दबिश भी नहीं दी थी।

पुलिस आरोपी को बचाने में जुटी थी। एक महीने से भी अधिक समय बीतने के बावजूद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
पुलिस आरोपी को बचाने में जुटी थी। एक महीने से भी अधिक समय बीतने के बावजूद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

यही वजह है कि मोनू और उसके घर वालों का दुस्साहस बढ़ता गया। उन्होंने पीड़ित पक्ष को मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाना शुरू किया। परिजनों का कहना है कि 2 दिन पहले ही मोनू शर्मा की मां ने भी पीड़िता को धमकाया था। कहा था कि यदि तुझे ही मार देंगे तो फिर मुकदमे की पैरवी और गवाही कौन देगा।

परिजन बोले - बेटी के हाथ पैर बंधे थे
रेप पीड़िता का शव रविवार सुबह करीब 8 बजे गांव से बाहर जंगल में एक पेड़ पर लटका मिला। यह खेत पीड़िता के पिता का ही है। पीड़िता रविवार तड़के घर से निकली थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बेटी को घर और घेर (बैठक) पर ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद पता चला कि उसका शव खेत पर एक पेड़ से लटका हुआ है।

मृतका के पिता का कहना है कि वह अपने परिवार के लोगों के साथ बदहवास हालत में दौड़कर मौके पर पहुंचे। पिता का कहना है कि उनकी बेटी के हाथ पैर बंधे हुए थे और उसका शव पेड़ पर लटक रहा था। उसे मारकर पेड़ पर लटकाया गया था। पिता ने बताया कि उन्होंने मौके से रेपिस्ट मोनू शर्मा और उसके भाई सोनू को मौके से भागते हुए देखा था।