चेहलुम पर पढ़ा गया छून्नू लाल का लिखा हुआ मर्सिया:अजादारों ने मातम कर खुद को किया लहूलुहान, सदाओं से फिजा हुई गमगीन

अमरोहा7 दिन पहले
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अमरोहा में चेहलुम पर निकाली गई ताजिया। - Dainik Bhaskar
अमरोहा में चेहलुम पर निकाली गई ताजिया।

बीबी फात्मा के लाल हजरत इमाम हुसैन के चेहलुम पर अजादारों ने मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया। शहर के कई अजाखानों से ताबूत बरामद किए गए। इस दौरान फिजा में या हुसैन या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। चेहलुम के सिलसिले का पहला जलूस मोहल्ला गुजरी और बड़ा दरबार से बरामद हुआ।

जुलूस में मातमी अंजुमनें नौहा पढ़ती हुई चल रही थीं। चेहलुम पर अंजुमनें असगरी के तत्वावधान में मोहल्ला मंडी चौब से भी जुलूस निकाला गया। जो बड़ा दरबार होता हुआ सबसे पहले छेवड़ा पहुंचा। फिर छेवड़े के ताजिये के साथ कटरा गुलाम अली में मुख्य जुलूस के साथ शामिल हो गया।

अमरोहा में निकाली गई ताजिया।
अमरोहा में निकाली गई ताजिया।

फिजा में गूंजीं या हुसैन की सदाएं

दूसरा जुलूस बड़ा इमामबाड़ा दानिशमंदान से रेलवे लाइन पार स्थित कर्बला पहुंचा। मोहल्ला बगला से ताज़ियों का जुलूस तयशुदा रास्तों से गुजरकर बिजनौर रोड स्थित कर्बला पहुंचकर संपन्न हुआ। यहां शादाब हैदर व हमनवां ने मरसिया पढ़ा। मौलाना अहसन अख्तर ने फजाईल मसाईब बयां किए। जुलूस में छोटे बड़े 30 ताजिये शामिल थे। अंजुमन अब्बासिया के रजाकारान ने गमे हुसैन में बाजार गुजरी और नौबतखाना में जंजीर का मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया। या हुसैन या हुसैन की सदाओं से फिजा भी गमगीन हो गई।

रजाकारान ने गमे हुसैन में खुद को किया लहूलुहान

आले अहमद इंटर कॉलेज दिवान खाना मासूम हसन में मरसिया पढ़ा गया। इसके अलावा निर्धारित स्थान पर भी सिब्ते सज्जाद और हसन इमाम ने छुन्नू लाल दिलगीर का मरसिया....कैद से छूटकर जब सैययदे सज्जाद आए पढ़ा। जुलूस अंजुमन तहफ्फुजे अजादारी के तत्वावधान में निकला।

इस दौरान कार्यवाहक अध्यक्ष हसन शुजा, लियाकत अमरोहवी, ज़िया एजाज़, सईद दुल हसन, मोहम्मद फरुक , मिक्की नकवी, वकारूल हसनैन खां , सरफराज हुसैन, नईम कौसर, गुफरान मेहंदी, आलिम रजा, अब्बास हैदर, शरफ अली खां, मोहम्मद अली अफज़ाल और आसिफ निसार आदि रहे।

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