अमरोहा की सदफ को UPSC में मिला 23वां स्थान:बैंक की जॉब छोड़कर अपने दम पर की आईएएस की पढ़ाई, कहा- देश को नई पहचान दिलाने के लिए करूंगी काम

अमरोहा4 महीने पहले
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अमरोहा की सदफ ने UPSC में हासिल की 23वीं रैंक। - Dainik Bhaskar
अमरोहा की सदफ ने UPSC में हासिल की 23वीं रैंक।

आईएएस अफसर बनना बचपन से मेरा सपना था। लक्ष्य मुश्किल था, लेकिन असंभव नहीं। शुरूआती दौर में एक बैकअप की तलाश थी। यही वजह रही कि पहले बीटेक की पढ़ाई पूरी की और फिर कुछ वक्त जॉब के साथ प्रोफेशनल लाइफ में गुजारा। जब लगा कि अब यहां कदम जम गए हैं और बचपन की ख्वाहिश वाली वो मंजिल दूर नहीं तब जॉब छोड़ दी। पूरी लगन के साथ आईएएस की तैयारी शुरू की।

माता-पिता के साथ ही छोटी बहन सायमा ने हिम्मत और हौसला हर कदम पर बढ़ाया और सबकी मेहनत का नतीजा शुक्रवार को सबसे सामने आ गया। ये कहना है अमरोहा की सदफ का। जिन्होंने UPSC में देश में 23वीं रैंक हासिल की है।

हाईस्कूल में किया था टॉप

नेशनल हाईवे के किनारे बसे छोटे से कस्बे जोया की मूल निवासी सदफ ने इंटरमीडिएट तक की अपनी पढ़ाई एलएसए अमरोहा से पूरी की। साल 2010 सीबीएसई बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में वह 10 सीजीपीए के साथ जिला टॉपर रहीं। साल 2012 में 91 प्रतिशत अंकों के साथ सीबीएसई बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा पास की।

इसके बाद जेईई मेन्स परीक्षा पास की। एनआईटी जालंधर में दाखिला मिला। यहां से कैमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। साल 2016 में एक अमेरिकी बैंक के साथ जुड़ीं और 2018 तक दिल्ली में अपनी प्रोफेशनल लाइफ को जारी रखा। साल 2018 में जॉब को छोड़ दिया।

बिना किसी कोचिंग खुद के बल पर आईएएस बनने की तैयारी में जुट गई। दो साल की कड़ी मेहनत का नतीजा उनको 24 सितंबर को मिल गया। मेरिट लिस्ट में 23वें पायदान पर उन्होंने जगह बनाई है। सदफ के पिता मोहम्मद इसरार बैंक प्रबंधक और माता शहबाज बानो गृहणी हैं।

पहली बार में इंटरव्यू तक पहुंची थी

आईएएस परीक्षा में सदफ का ये दूसरा प्रयास था, लेकिन इंटरव्यू तक वो पहली बार में ही पहुंच चुकी थी। परीक्षा में उनका मुख्य विषय राजनीति विज्ञान रहा। सदफ अब भारतीय विदेश सेवा के जरिए विदेशों में बतौर राजपूत भारत का प्रतिनिधित्व करने और विश्व पटल पर देश को नई पहचान दिलाने का इरादा दिल में ठाने हैं।

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