बीकापुर में विषैला कीड़ा काटने से युवक की मौत:परिजन झाड़ फूंक में उलझे रहे, अस्पताल ले जाते वक्त तोड़ा दम

बीकापुर4 दिन पहले
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बीकापुर। भीषण गर्मी की वजह से अब इंसान तो इंसान जहरीले जंतु भी अपने बिलों से निकलकर बाहर ठंडी हवा में सांस लेने को टहल रहे हैं और लोगों के लिए काल साबित हो रहे हैं। प्रदेश और केंद्र सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास रहने के लिए छत नहीं है तो कहीं लेटने के लिए चारपाई तक मयस्सर नहीं है। जिसकी वजह से गरीब को जमीन पर ही लेटना पड़ रहा है। इस गर्मी में विषैले जंतु की चपेट में आकर लोग अपनी जान तक गंवा रहे हैं।

मालूम हो कि बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के वनराजा का भीटा तोरोमाफी गांव निवासी मूसे 45 वर्ष की मौत हो गई। बताया गया कि मूसे बनराजा का पुरवा गांव में बीती रात घर पर जमीन में बिस्तर लगा कर सो रहा था। इसी दौरान किसी जहरीले जंतु ने उसे डस लिया। घटना के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई और कोई अस्पताल लेकर नहीं गया।

झाड़-फूंक ने ली जान

ग्राम प्रधान अहमद रजा ने बताया कि हालत खराब होने पर मूसे को परिजनों द्वारा पहले दवा भभूत के लिए गहना गन ले जाया गया लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। उसके बाद परिजन उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि लेकिन रास्ते में ही पीड़ित मूसे की मौत हो गई। युवक की मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी अमृता और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

इकलौता कमाऊ था मूसे

सूचना मिलने के बाद सुबह कोतवाली पुलिस भी पीड़ित के घर पहुंची तथा परिजनों की इच्छा पर पंचनामा करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतक का परिवार बहुत ही गरीब है। परिवार में चार पुत्र और एक पुत्री है।

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