दीपोत्सव-2022 को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां:90 हजार ग्राम सभाओं से 10-10 दीपक आएंगे अयोध्या दीपोत्सव में

अयोध्या5 महीने पहले
अयोध्या दीपोत्सव में इस बार प्रत्येक गांव से दीप होंगे शामिल।

अयोध्या में दीपोत्सव 2022 को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां जोरों पर चल रही है। इस बार छठे दीपोत्सव में जन-जन की भागीदारी करने के लिए प्रत्येक ग्राम सभाओं को शामिल किया जाएगा। प्रदेश के सभी 90 हजार ग्राम सभाओं से 10-10 दीपक अयोध्या के दीपोत्सव में आएंगे। यानी इस बार दीपोत्सव में नौ लाख दीये ग्राम सभाओं के शामिल होंगे। ताकि पावन राम नगरी के सरयू तट पर बनाने वाले ऐतिहासिक रिकॉर्ड में हर ग्राम सभा की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। क्योंकि प्रशासन 14 लाख 50 हजार दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने को तैयारी है।

23 अक्टूबर को पावन सलिला मां सरयू का तट एक बार फिर असंख्य दीपों की मध्यम रोशनी से जगमग होगा। इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार दीपोत्सव को और भव्यता प्रदान करने की तैयारी में सरकार जुटी हुई है। दीपोत्सव को योगी सरकार ने प्रांतीय मेला भी घोषित कर रखा है। दो साल कोरोना संक्रमण के दौरान भी दीपोत्सव को और भी ऐतिहासिक बनाने की योजना है। दीपोत्सव में विदेशी मेहमानों के भी शामिल होने की संभावना है।

यह फोटो दीपोत्सव 2021 की है। दीप माला सजाते लोग
यह फोटो दीपोत्सव 2021 की है। दीप माला सजाते लोग

हर ग्राम से 10 -10 दिये होंगे शामिल

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने बताया दीपोत्सव में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के हर ग्राम सभा से 10-10 दीपक बनवा कर एकत्र करने का लक्ष्य शासन की ओर से तय किया गया है। दीपोत्सव में प्रदेश के 75 जिलों के हर ग्राम सभा के दीयों से आकर्षण बढ़ता दिखेगा। इसके लेकर ब्लॉक स्तर पर जिम्मेदारी तय कर दी गई है। प्रदश में करीब 90 हजार ग्राम सभाएं है। इस ग्राम सभाओं से कुल नौ लाख दीपक एकत्र करने की योजना बनाई गई है। दीपोत्सव में प्रदेश के हर गांव के दिए टिमटमाते नजर आएंगे।

राम की पैड़ी पर इस बार भी बनेगा विश्व रिकॉर्ड
राम की पैड़ी पर इस बार भी बनेगा विश्व रिकॉर्ड

तय लक्ष्य से अधिक दीये जलाने की तैयारी

बताया कि राम की पैड़ी पर 14 लाख 50 हजार दीप जलाने का लक्ष्य है, इसके लिए 16 लाख दीप बिछाए जाएंगे। इसके लिए रामनगरी के मठ-मंदिरों, कुंडों को भी दीपोत्सव में रोशन करने के लिए तैयारी चल रही है। दीपोत्सव में इस बार नोडल अधिकारी बनाए गए अवध विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता डॉ अजय प्रताप सिंह के समक्ष भी चुनौती है। यह पहली बार होगा, जब अजय प्रताप सिंह के निर्देशन में दीपोत्सव को न सिर्फ भव्य बनाने बल्कि नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का भी लक्ष्य होगा। मुख्य नियंता ने बताया कि हमें उम्मीइद है कि दीपोत्सव इस बार भव्यता के नए रिकॉर्ड कायम करेगा।