कस्तूरबा गांधी की बालिकाएं बनेंगी आत्मनिर्भर:1300 छात्राओं को सिलाई कढ़ाई, आईटी और रिटेल का मिलेगा प्रशिक्षण

अयोध्या22 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
कस्तूबरा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की छात्राओं का जल्द ही प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा - Dainik Bhaskar
कस्तूबरा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की छात्राओं का जल्द ही प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा

जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में विभिन्न चीजों का प्रशिक्षण देकर करीब 1300 छात्रों को अपने पैरों पर खड़ा किया जाएगा। पढ़ाई के साथ-साथ छात्राओं को रोजगार के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूल में छात्राओं को सिलाई, कढ़ाई एवं आईटी और रिटेल का प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

अयोध्या में 11 ब्लाकोें में 13 कस्तूरबा स्कूल चल रहे है। इसमें 1300 छात्राएं पढ़ाई कर रहीं है। इन छात्राओं को अलग-अलग संस्थाएं जल्द ही प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू करेगी। इसको लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। छात्राएं पढ़ाई के साथ ही परिवार की आर्थिक मदद करने में समक्ष बनेगी।

1300 छात्राओं को सिलाई कढ़ाई, आईटी और रिटेल का प्रशिक्षण

कौशल विकास मिशन के तहत कस्तूरबा विद्यालयों में पढ़ाई कर रही 1300 छात्राओं को सिलाई कढ़ाई, आईटी और रिटेल का प्रशिक्षण शीघ्र दिया जाएगा। छात्राएं पढ़ाई के बाद खुद का काम कर सकेंगी। नवंबर के आखिरी सप्ताह तक इनका प्रशिक्षण कार्य शुरू हो सकता हैं।

कस्तूरबा में विद्यालयों में कौशल विकास
कस्तूरबा में विद्यालयों में कौशल विकास

प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का फैसला

बेसिक शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शासन स्तर से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को पढ़ाई के साथ ही रचनात्मक गतिविधियों में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रदेश भर के कई जिलों में सामने आया है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों से पढ़ने वाली छात्राओं ने कई क्षेत्रों में नाम कमाया हैं। संसाधनों और आर्थिक स्थिति बेहतर न होने के कारण काफी छात्राएं इस मामले में पीछे रह जाती है। छात्राओं को शासन ने स्कूलों में सिलाई कढ़ाई, आईटी और रिटेल क्षेत्र में प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का फैसला लिया हैं। अलग-अलग संस्थाओं के माध्यम से छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन माह के प्रशिक्षण के बाद छात्राओं को काम देने पर भी स्कूल प्रयास करेगा

अभिभावकों की सोच में होगा बदलाव

बेसिक शिक्षा विभाग का यह प्रयास उन अभिभावकों की सोच बदलने में भी सहायक होगा, जो आठवीं के बाद अक्सर विद्यार्थियों को पढ़ाई से दूर कर देते हैं। इनमें विद्यार्थियों में अधिकांश छात्राएं शामिल होती है। वह उन्हें पढ़ाई से हटाकर घर पर ही चूल्हा चौका में लगा देते हैं, इस वर्ष भी करीब 1400 से अधिक विद्यार्थियों ने आठवीं के बाद स्कूल छोड़ दिया हैं। ऐसे में इस प्रशिक्षण के बाद अभिभावकों की सोच बदलेगी, वह विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति जागरूक होंगे, उन्हें भविष्य सुधारने के लिए आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

आईटी के प्रशिक्षण के लिए कंप्यूटर लैब बनाई जा रही

आईटी का प्रशिक्षण देने के लिए स्कूलों में कंप्यूटर लैब भी बनाई जा रही है। लैब का कार्य लगभग पूरा होने वाला है। विभाग को दो माह पूर्व लैब के लिए बजट भी मिल चुका हैं। काफी छात्राएं हैं, जिन्हें कंप्यूटर में ज्यादा रुचि हैं, इन छात्राओं को आईटी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूलों से शिक्षा प्राप्त करने के बाद छात्राओं के सामने विकल्प होंगे। साइबर कैफे समेत कंप्यूटर की विभिन्न तकनीक जानने के बाद छात्राएं अन्य को भी प्रशिक्षित कर सकेंगी। साथ ही परिवार को भी आर्थिक रूप से मदद कर सकेगी।

संतोष कुमार राय कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की छात्राओं का जल्द ही प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा, यह एक बेहतर प्रयास है, जब छात्राएं पढ़ाई के साथ साथ आत्मनिर्भर बन परिवार की आर्थिक रूप से मदद कर सकेगी।

खबरें और भी हैं...