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राम मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशने का काम शुरू:राजस्थान के 15 मजदूर पहुंचे अयोध्या, उपयोगी पत्थरों को किया चिन्हित, 70 हजार में से करीब 30 हजार घनफिट पत्थर इस्तेमाल लायक

अयोध्या3 महीने पहले
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कार्यशाला में रखे हुए 70 हजार घनफिट पत्थरों में से करीब 30 हजार घनफिट पत्थर मंदिर निर्माण में इस्तेमाल होने के लायक बताए जा रहे हैं। - Dainik Bhaskar
कार्यशाला में रखे हुए 70 हजार घनफिट पत्थरों में से करीब 30 हजार घनफिट पत्थर मंदिर निर्माण में इस्तेमाल होने के लायक बताए जा रहे हैं।

अयोध्या में दिसंबर 2023 तक राममंदिर का निर्माण का काम पूरा किया जाना है। गर्भगृह में रामलला को बिठाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजस्थान से 15 मजदूर अयोध्या पहुंचे हैं। उन्होंने उपयोगी पत्थरों का चिन्हित कर उन्हें तराशने का काम शुरू कर दिया है। उसके बाद उनके ऊपर नक्काशी की जाएगी।

जरूरत के अनुसार बुलाएं जाएंगे कारीगर

कार्यशाला में रखे हुए 70 हजार घनफिट पत्थरों में से करीब 30 हजार घनफिट पत्थर मंदिर निर्माण में इस्तेमाल होने के लायक बताए जा रहे हैं। इनकी नक्काशी शुरू होने के बाद जैसे-जैसे कारीगरों की जरूरत पड़ेगी। उसके अनुसार कारीगर बुलाए जाएंगे।

ट्रस्ट के सदस्य डाक्टर अनिल मिश्र के अनुसार राजस्थान के कारीगर अपनी सुविधा व जरूरत के हिसाब से काम कर रहे हैं। वे कभी भी नक्काशी आरंभ कर सकते हैं। अभी कार्यशाला में रखे हुए पत्थरों को तराशने का काम चल रहा है। अयोध्या में 1990 से पत्थर तराशी का काम चल रहा था। लेकिन बीच में पिछले पांच साल से बंद था।

विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चंपत राय ने दिखाई कार्यशाला

इस बीच विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर रविंद्र नारायण सिंह ने गुरुवार को शाम रामजन्मभूमि का दर्शनकर रामजन्म भूमि कार्यशाला का निरीक्षण किया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उन्हें कार्यशाला व पत्थरों की जानकारी दी। विहिप अध्यक्ष ने कहा कि परिषद केवल मंदिर निर्माण का काम नहीं करती बल्कि संपूर्ण विश्व में हिंदुओं को संगठित करती है।

हम रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण कर रहे हैं। इसके साथ हम ऐसा माहौल पैदा करेंगे कि आगामी 50 साल बाद भी राम जन्मभूमि फिर सुरक्षित रहे। हमें हिंदुओं को जागृत कर हिंदुत्व की रक्षा करनी है। काशी और मथुरा के सवाल पर बोले कि पहले एक को चलने दीजिए फिर आगे की बात होगी।

श्रीरामजन्मभूमि पर बने रहे भव्य मंदिर की सभी 44 लेयर का काम पूरा होने के बाद बाद अब उसके ऊपर डेढ़ मीटर मोटा राफ्ट बनेगा।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने विहिप अध्यक्ष को कार्यशाला में तराशे गए पत्थरों की जानकारी दी।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने विहिप अध्यक्ष को कार्यशाला में तराशे गए पत्थरों की जानकारी दी।
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