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  • After Five Hundred Years In Ayodhya, Ramlala Will Now Swing In A Silver Cradle, The Trust Has Taken The Measurement Of The Swing, The Sanctum Sanctorum Is Also Demanded To Be Made Of Gold.

राम मंदिर शिलापूजन का एक साल:500 साल बाद चांदी के पालने में झूलेंगे रामलला, गर्भगृह को सोने का बनाने की मांग; पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट

अयोध्या2 महीने पहलेलेखक: रमेश मिश्र

अयोध्या में 5 अगस्त को मंदिर के शिलापूजन का एक साल पूरा होगा। कई दशकों से चल रही लड़ाई के बाद आखिरकार अब राम मंदिर बनने का सपना पूरा होने जा रहा है। नींव के निर्माण का 60% काम पूरा हो चुका है। इस बार यहां 11 अगस्त से शुरू हो रहे सावन मेले को भी खास बनाने की तैयारी हो रही है।

मान्यता के मुताबिक यह मेला सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से 12 दिन चलता है। इस बार मेले में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला को चांदी के पालने पर झुलाने का फैसला लिया है। ऐसा 500 साल बाद हो रहा है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक गोपालजी ने सोमवार को झूले का माप लिया है। वहीं गर्भगृह को सोने से बनवाने की मांग भी उठने लगी है। शिला पूजन का एक साल होने पर अयोध्या से दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट-

नींव की 44 लेयर में से 25 तैयार
1528 से राम मंदिर आंदोलन चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट से निर्माण का रास्ता निकलने के बाद बीते साल 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या पहुंचकर शिलापूजन किया था। इसके बाद अब राम मंदिर की नींव का निर्माण तेजी से चल रहा है। नींव 44 लेयर में बनाई जानी हैं, जिसमें से 25 लेयर तैयार हो चुकी हैं। मंदिर निर्माण के साथ अब रामलला को बाकी सुविधाएं देने की तैयारी भी है।

नींव का 60% काम पूरा हो गया है। बारिश के दौरान अभी काम की गति थोड़ी धीमी पड़ी है।
नींव का 60% काम पूरा हो गया है। बारिश के दौरान अभी काम की गति थोड़ी धीमी पड़ी है।
नींव 44 लेयर में बनाई जानी हैं, जिसमें से 25 लेयर तैयार हो चुकी हैं।
नींव 44 लेयर में बनाई जानी हैं, जिसमें से 25 लेयर तैयार हो चुकी हैं।

मणिपर्वत झूला से शुरू होगा सावन मेला
शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कनक भवन मणिराम दास जी की छावनी, श्रीरामवल्लभाकुंज, दशरथ महल, कोशलेस कुंज जैसे सौ से ज्यादा मंदिरों से भगवान की मूर्तियां मणिपर्वत पर झूलने के लिए समारोह पूर्वक ले जाई जाती हैं। मणिपर्वत झूला के बाद मूर्तियां वापस आने पर पूरे सावन के महीने में उत्सव चलता है।

कुछ संतों ने मांग की थी कि रामलला जब विवादों से मुक्त हो चुके हैं तो उन्हें भी मणिपर्वत झूले के लिए ले जाया जाना चाहिए। इस पर श्रीराम वल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि पर रामलला बालरूप में हैं। इस अवस्था में वे अत्यन्त कोमल हैं और मां की गोद ही बच्चे के लिए सबसे बढ़िया झूला है। इसलिए सुरक्षा और रामलला की अवस्था को देखते हुए यह मांग कतई उचित नहीं है।

राम मंदिर के नींव पर चल रहा काम बारिश के चलते प्रभावित हुआ है। इसलिए कई जगहों पर प्लास्टिक के कवर ढके गए हैं।
राम मंदिर के नींव पर चल रहा काम बारिश के चलते प्रभावित हुआ है। इसलिए कई जगहों पर प्लास्टिक के कवर ढके गए हैं।

शिवसेना ने की सोने का गर्भगृह बनाने की मांग
शिवसेना ने अयोध्या में बन रहे भगवान राम के मंदिर का गर्भगृह सोने का बनाए जाने की मांग की है। शिवसेना पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख और विवादित ढांचा ढहाने के आरोपी रहे संतोष दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में चिट्ठी भेजी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि भगवान रामलला के मंदिर का गर्भगृह सोने का बनाया जाए। 500 साल के कड़े संघर्ष के बाद यह मंगल समय आया है। दुबे का कहना है कि राम मंदिर के भूमि पूजन को 5 अगस्त को एक साल पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री को उसी दिन सोने का गर्भगृह बनाने का ऐलान कर देना चाहिए।

5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में शिलापूजन किया था।
5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में शिलापूजन किया था।
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