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अयोध्या में भगवान राम के स्वागत में मना अन्नकूट:मधुर गीतों के बीच पकवानों से हुआ स्वागत, उत्सव में डूबे 10 हजार मंदिर और 5 लाख भक्त

अयोध्या25 दिन पहले
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अयोध्या के कनक भवन मंदिर में अन्नकूट पर्व पर भगवान को 56 प्रकार के भोग से स्वागत हुआ। - Dainik Bhaskar
अयोध्या के कनक भवन मंदिर में अन्नकूट पर्व पर भगवान को 56 प्रकार के भोग से स्वागत हुआ।

भगवान श्रीराम के 14 साल बाद वनवास से अयोध्या लौटने पर दीपावली भव्य रूप से मनाई गई। इसके दूसरे दिन 5 नवंबर को प्रभु का स्वागत विविध पकवानों से किया गया। इसी परंपरा में अयोध्या के मंदिरों में भव्यता के बीच अन्नकूट पर्व मनाया गया। संतों के साथ इस पर्व में 5 लाख लोग शामिल हुए। 10 हजार मंदिरों में भव्य आयोजन हुआ।

अयोध्या के श्रीरामवल्लभाकुंज में अन्नकूट पर्व पर गायन-वादन के बीच मना अन्नपूर्णा।
अयोध्या के श्रीरामवल्लभाकुंज में अन्नकूट पर्व पर गायन-वादन के बीच मना अन्नपूर्णा।

वन में कंद मूल खाकर लोक कल्याण करते रहे
श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि भगवान तो विशंभर हैं, वे सभी का पालन करते हैं। हम उन्हें क्या दे सकते हैं। सब कुछ तो उन्हीं का है। हमारी आस्था है कि वे 14 साल तक वन में कंद मूल खाकर लोक कल्याण करते रहे। इसलिए अयोध्या लौटने पर हम संत उनका अनेक पकवानों से स्वागत कर आनंदित होते हैं।

ये धर्मस्थल रहे आस्था के प्रमुख केंद्र
श्रीरामजन्मभूमि, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, श्रीरामवल्लभा कुंञ्ज, मणिराम छावनी, दशरथ महल, राजगोपाल मंदिर, विजय राघव मंदिर नई छावनी, छोटी देवकाली, राज गोपाल मंदिर, राजसदन में अन्नकूट धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कोशलेश सदन में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य ने 1056 प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया। कनक भवन उत्सव आकर्षण का केंद्र रहा। श्रीरामवल्लभा कुंञ्ज में यह उत्सव अयोध्या एडवर्ड तीर्थ विवेचिनी सभा के अध्यक्ष और मंदिर की संचालन संस्था जानकी जीवन ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी स्वामी राजकुमार दास की देखरेख में मनाया गया । इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मधुकरी संत मिथिला बिहारी दास ने गायन-वादन के जरिए भगवान को भोग लगाया।

भगवान को 56 भोग अर्पित करते महंत रामशंकर दास वेदांती।
भगवान को 56 भोग अर्पित करते महंत रामशंकर दास वेदांती।
सियाराम किला में अन्नकूट पर भगवान के साथ गुरु को भी लगा 56 भोग।
सियाराम किला में अन्नकूट पर भगवान के साथ गुरु को भी लगा 56 भोग।
बधाई भवन में भगवान को अन्नकूट पर पकवानों का भोग लगाते महंत राजीव लोचन शरण।
बधाई भवन में भगवान को अन्नकूट पर पकवानों का भोग लगाते महंत राजीव लोचन शरण।

हनुमान जी को लगा 56 भोग
आचार्य पीठ लक्ष्मण किला, सियाराम किला, मणिराम दास जी की छावनी, जानकी महल अशर्फी भवन, रंग महल, वेद भवन, गहोई मंदिर आदि मंदिरों में उत्सव की धूम रही। मणिराम छावनी में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की देखरेख में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। संकट मोचन श्री हनुमान जी महाराज को 56 भोग लगाया गया।

कचौड़ी, मालपुआ, चूरमा, कढी, दाल, खीर आदि के लगे भोग
पीठ के महांत रामदास के संयोजन में प्रसाद तैयार किया गया। पूड़ी कचौड़ी, मालपुआ, चूरमा, महाप्रसाद, कढी, दाल, खीर, सूरन का चोखा, आंवला, सोया मेथी पालक, सीताफल अगस्त के फूल दही, बड़ा पंचमेवा, ऋतुफल आदि छप्पन प्रकार के पकवान तैयार किए गए। जेवनार गीत प्रस्तुत किए गए। जयराम मिश्र ने गायन प्रस्तुत किया। छप्पन भोग की आरती महंत रामदास ने किया। इस अवसर पर एसपी सिटी विजय पाल सिंह, अनिल कुमार पांडेय, पंडित रंजन कुमार पांडेय, पंडित अनन्त शुक्ल संजय सावलानी डॉ देशराज उपाध्याय, पुजारी प्रेम कुमार शुक्ल, सहित पीठ की शिष्य परम्परा के भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

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