ईंट भट्‌ठा एक जुलाई से अनिश्चित काल के लिए बंद:जीएसटी और कोयला के दामों में बढ़ोतरी से नाराज ईंट भट्‌ठा संचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

अयोध्याएक महीने पहले
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जीएसटी और कोयले के दामों में बढ़ोतरी के चलते एक जुलाई से ईंट भट्‌ठा होंगे बंद। - Dainik Bhaskar
जीएसटी और कोयले के दामों में बढ़ोतरी के चलते एक जुलाई से ईंट भट्‌ठा होंगे बंद।

पूरे देश के एक लाख पांच हजार ईंट भट्‌ठा एक जुलाई से अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया जाएगा। जीएसटी स्लैब में भारी वृद्धि के साथ-साथ कोयले के दामों में ढाई गुना की बढ़ोतरी के चलते सभी ईंट भट्‌ठा संचालक अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जा रहे है। यह जानकारी बुधवार को अखिल भारतीय ईंट व टाईल्स निर्माता महासंघ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अतुल कुमार सिंह ने दिया है। गौरतलब है कि ईंट का उत्पादन एकाएक बंद होने से मकान निर्माण महंगा हो जाएगा, साथ ही अन्य निर्माण कार्य भी प्रभावित होगें।

ईंट फाइल फोटो।
ईंट फाइल फोटो।

जीएसटी के दरों में भारी बढ़ोतरी

अखिल भारतीय ईंट व टाईल्स निर्माता महासंघ के आह्वान पर पूरे देश के भट्ठा कारोबारी एक जुलाई से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहेंगे। महासंघ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अतुल कुमार सिंह ने कहा कि ईट भट्ठों पर ही जीएसटी की दर में बेतहाशा वृद्धि कर दी गई है, जो दर पहले 1 प्रतिशत थी, उसे बढ़ाकर 6 प्रतिशत और जो दर 5 प्रतिशत रेगुलर थी, उसे बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। जिसके फलस्वरूप ईंटों के लागत मूल्यों में काफी बढ़ोतरी हो गई है। इसके विरोध में देश के प्रत्येक जिलों ने जिला मुख्यालय से लेकर देश के सबसे बड़े प्रदर्शन स्थल नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी धरना प्रदर्शन किया गया, परंतु इसका सरकार पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ा।

रिकाबगंज स्थित होटल में अखिल भारतीय ईंट व टाईल्स निर्माता महासंघ सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अतुल कुमार सिंह ईट भट्‌ठा संचालकों के साथ बैठक करते हुए
रिकाबगंज स्थित होटल में अखिल भारतीय ईंट व टाईल्स निर्माता महासंघ सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अतुल कुमार सिंह ईट भट्‌ठा संचालकों के साथ बैठक करते हुए

कोयला पर बिचौलियों का कब्जा सरकार नहीं दे रही ध्यान

सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि जो कोयला 2021 में दस हजार में मिलता था, अब वह बढ़कर 26 हजार रुपए में बिक रहा है। उन्होंने कहा कि कोयले के इस ट्रेड में कुछ ऐसे माफिया लगे है, जिनको सरकार यदि नियंत्रित करना चाहे तो कर सकती है। लेकिन सरकार ऐसे लोगों को नियत्रिंत नहीं कर पायीं। जिसके कारण ईंट के लागत मूल्य में बेहताशा बृद्धि हुई है। इसी वजह से कई लोग इस बार भट्‌ठा चला नहीं पाए, कुछ लोग चलाए भी तो उन्हें बीच में ही बंद करना पड़ा। सरकार से मांग है कि जीएसटी की दरों में जो वृद्धि की गई है उसे बंद करके पूर्ववत करें, नहीं तो ईंट भट्‌ठा संचालकों को यह कुटीर उद्योग बंद करना पड़ेगा।

मांग पूरी नहीं हुई तो नहीं संचालित होंगे ईंट भट्‌ठे

अतुल सिंह ने कहा कि आगामी सत्र से ईंट भट्ठों का संचालन तभी होगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती। मांगों को लेकर हम जल्द एक कोर कमेटी बनाएंगे, जो सांसद विधायक से मुलाकात कर यथास्थिति से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है तो भट्ठा का संचालन असंभव होगा।

महासंघ की बैठक में शामिल ईंट भट्‌ठा संचालक
महासंघ की बैठक में शामिल ईंट भट्‌ठा संचालक

ईंट भट्‌ठों से ढाई लाख लोगों का जुड़ा रोजगार

महासंघ के मुताबिक पूरे देश में एक लाख पांच हजार ईंट भट्‌ठा संचालित हो रहे है। इन भट्‌ठों से 2 करोड़ 49 हजार लोगों का जीवन यापन चलता है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो प्रदेश में अकेले 18 लाख 12 हजार ईंट भट्‌ठे है। इनमें 45 लाख लोग काम करते है। ऐसी स्थित में यदि भट्‌ठों का संचालन बंद हो गया तो पूरे देश में 2 करोड़ 49 हजार लोगों के सामने जीवन यापन का संकट आ जाएगा।

ईंट भट्ठा बंद होने से भवन व अन्य निर्माण होगा महंगा

ईंट भट्ठा का संचालन बंद होने से एकाएक भवन निर्माण महंगा हो जाएगा। इसके साथ ही अन्य निर्माण कार्य भी प्रभावित होंगे। भवन निर्माण में सबसे अधिक ईंटों का इस्तेमाल किया जाता है। यदि ऐसा हुआ तो सबसे अधिक असर आसियाना का सपना देख रहे गरीबों पर पड़ेगा। जिनके लिए मकान बनाना असंभव हो जाएगा।

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