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अयोध्या में संपत्ति विवाद:विधवा को बच्चों समेत बिना पूर्व सूचना के घर से बाहर निकाला, एसडीएम पर लगा आरोप, महिला आयोग की टीम ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात

अयोध्याएक महीने पहले
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राज्य महिला आयोग की सदस्य इंद्रावास सिंह की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित महिला से मुलाकात की। - Dainik Bhaskar
राज्य महिला आयोग की सदस्य इंद्रावास सिंह की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित महिला से मुलाकात की।

​​​​अयोध्या के विवेकानंदपुरम कॉलोनी में संपत्ति विवाद को लेकर घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा चला। आरोप है कि एसडीएम ने एक विधवा महिला और उसके दो मासूम बच्चियों को बिना किसी पूर्व सूचना के रात में बारिश के समय में घर से बाहर निकलवा दिया। मामले की सूचना मिलने के बाद राज्य महिला आयोग की सदस्य इंद्रावास सिंह की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित महिला से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।

महिला का अपने देवर से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है।
महिला का अपने देवर से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है।

2017 में पति की हो चुकी है मौत
पीड़ित महिला का कहना है कि उसके पति की 2017 में मौत हो चुकी है, जिसके बाद उनके देवर से उनका संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था लेकिन शुकवार रात में एसडीएम सदर ज्योति सिंह के आदेश पर बिना किसी पूर्व सूचना के मुझें और मेरे दोनो बच्चों को घर से बाहर कर दिया गया। महिला आयोग की सदस्य इंद्रावास सिंह का कहना है कि मानवीय संवेदना के आधार पर महिला का सामान घर के अंदर रखने की मांग की है।

एसडीएम बोलीं-महिला को घर से नहीं निकाला
वहीं एसडीएम सदर ज्योति सिंह का कहना है कि शिकायत के बाद इस मामले में कार्रवाई की गई है। हालांकि महिला को घर से निकाले जाने के मामले पर राज्य महिला आयोग की सदस्य इंद्रावास सिंह के हस्तक्षेप के बाद एसडीएम सदर ज्योति सिंह ने अपना कदम पीछे खींच लिया है।

एसडीएम सदर ज्योति सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि महिला को निकाला नहीं गया था। वह खुद अपना सामान लेकर घर से निकली थी। वह जिस मकान में रह रही है वह उसके देवर के नाम है। यह पर्सनल प्रॉपर्टी है। पैतृक प्रॉपर्टी नहीं हैं। फिर भी वह चाहे तो कोर्ट की मदद महिला ले सकती हैं। उससे कहा गया है कि वह घर में अपना सामान रखे।

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