• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Ayodhya
  • Bale He Was The Superstar Of The Ram Temple Movement, It Was His Restraint That The Disputed Structure Was Broken And The Temporary Temple Was Also Built In A Few Hours.

कल्याण का नाम सुन अतीत में खो गए कटियार:बाले- वे राममंदिर आंदोलन के सुपरस्टार थे, उनकी बदौलत विवादित ढांचा टूटा और अस्थाई मंदिर भी कुछ ही घंटे में बन गया

अयोध्या2 महीने पहलेलेखक: रमेश मिश्र
  • कॉपी लिंक
पूर्व सीएम कल्याण सिंह के साथ भाजपा के राष्ट्रीय नेता विनय कटियार।- (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
पूर्व सीएम कल्याण सिंह के साथ भाजपा के राष्ट्रीय नेता विनय कटियार।- (फाइल फोटो)

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने 89 साल की उम्र में शनिवार की शाम अंतिम सांस ली। भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार ने कहा कि कल्याण सिंह राम मंदिर आंदोलन के सुपरस्टार थे। उन्होंने 6 दिसंबर 92 को विवादित ढांचा गिरने से पहले सुबह व गिरने के बाद शाम को उनसे फोन पर बात की। दोनों समय मुख्यमंत्री होते हुए भी कल्याण सिंह पूरे प्रकरण को लेकर निर्भीक व स्पष्ट थे।

विनय कटियार ने कहा, अयोध्या में लाखों की भीड़ होने के बावजूद बड़ी ही वीरता और साहस का परिचय देते हुए न केवल अपने उद्देश्यों को पूरा किया। बल्कि ढांचा गिरने के बाद शाम को उन्होंने कहा की अब मैं इस्तीफा दे रहा हूं।

कटियार ने कहा कि कल्याण सिंह बहुत सुलझे हुए व्यक्ति थे। वह जो काम तय करते उसे पूरा करके ही मानते थे। प्रशासनिक अधिकारियों पर उनकी बेजोड़ पकड़ थी। उनके नाम की हनक थी। ढांचा गिरने के पहले ही उन्होंने कहा कि सरकार कुर्बान होती है तो कोई दिक्कत नहीं पर कारसेवकों पर एक भी गोली नहीं चलनी चाहिए।

कारसेवकों को बालू से पूजा करने के लिए थोड़े ही बुलाया गया था

विनय कटियार ने कहा कि कारसेवकों को बालू से पूजा करने के लिए थोड़े ही बुलाया गया था। अयोध्या में मौजूद लाखों कारसेवक बालू से पूजा करने के खिलाफ और उतावले थे। अधिग्रहीत परिसर में 6 दिसंबर को सुबह 9 बजे के लगभग लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के साथ हम पहुंचे तो कारसेवकों में उतावलापन था। जिसके कारण विवादित ढांचा 6 घंटे के भीतर घर ढह गया, यह कल्याण सिंह की ही कुर्बानी थी।

अस्थाई मंदिर भी कुछ ही घंटे में रातों-रात बन गया

कटियार ने कहा कि आज अयोध्या में विवादित स्थल पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है तो यह कल्याण सिंह की देन है। उनकी संयम था कि न केवल उस दिन ढांचा टूटा बल्कि अस्थाई मंदिर भी कुछ ही घंटे में रातों-रात बना दिया गया और 7 सितंबर की सुबह तक रामलला नए अस्थाई मंदिर में बैठ गए थे। इस मंदिर की सीढ़ियों को मैंने खुद बनाया , जिसमें सीमेंट के कारण हाथ भी कट गया। विनय कटियार ने कहा कि कल्याण सिंह को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

खबरें और भी हैं...