दीपोत्सव पर एक हजार ड्रोन आसमान में आएंगे नजर:कमिश्नर नवदीप रिणवा ने कहा ;प्रदेश में दूसरी बार रामनगरी अयोध्या में होगा ड्रोन शो

अयोध्या4 महीने पहले
अयोध्या में छठे दीपोत्सव में आसमान में होगा ड्रोन शो

अयोध्या में 23 अक्टूबर को छठे दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सरयू के तट पर इस बार 16 लाख दीप जलाएंगे। इसके साथ ही इस बार ड्रोन शो का आयोजन भी किया जाएगा। दीपोत्सव के दौरान एक हजार ड्रोन आसमान में नजर आएंगे। इसी तैयारियों को लेकर अयोध्या के कमीशनर सुबह राम की पैड़ी और नयाघाट क्षेत्र का अकेले निरीक्षण किया। और व्यवस्थाओं की रूपरेखा तैयार किया।

ड्रोन शो से आसमान में रामचरित्र मानस को होगा चित्रण

भास्कर से बात करते हुए कमिश्नर नवदीप रिणवा ने बताया कि अयोध्या में पहली बार दीपोत्सव पर डोन शो का आयोजन होगा। जिसके लिए केंद्र सरकार को अनुमति के लिए पत्र भेजा गया है। डोन शो का कार्यक्रम प्रदेश में दूसरी बार आयोजित होगा। इससे पहले रेजीडेंसी लखनऊ में यह डोन शो का कार्यक्रम हुआ था। उन्होंने बताया कि इस शो में आसमान में ड्रोन रामचरित्र मानस का चित्रण करेंगे। यानी इस बार जल, थल और नभ तीनों राम मय नजर आएंगे। कमिश्नर ने कहा कि दीपोत्सव को लेकर सभी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

यह फोटो अयोध्या नयाघाट सरयू पुल की है। दैनिक भास्कर संवाददाता सौरभ शुक्ल अयोध्या कमीश्नर नवदीप रिणवा से बात करते हुए
यह फोटो अयोध्या नयाघाट सरयू पुल की है। दैनिक भास्कर संवाददाता सौरभ शुक्ल अयोध्या कमीश्नर नवदीप रिणवा से बात करते हुए

कई देशों के मेहमान दीपोत्सव पर होंगे शामिल

23 अक्टूबर को 16 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। शासन की ओर से यह लक्ष्य 14 लाख 50 हजार का है। कोरोना काल के कारण दो वर्ष दूसरे देश के श्रद्धालु नहीं आए थे, लेकिन इस बार सात से अधिक देश के लोग दीपोत्सव में शामिल होंगे। जिसे देखते हुए इस बार का दीपोत्सव काफी खास बनाने की तैयारी चल रही है।

पर्यटन क्षेत्राधिकारी आरपी यादव
पर्यटन क्षेत्राधिकारी आरपी यादव

एक हजार ड्रोन एक साथ आसमान में भरेंगे उड़ान

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने बताया कि दीपोत्सव पर ड्रोन शो में एक हजार ड्रोन होंगे। जो आसमान के एक साथ आकृति बनाएंगे। इसमें रामायण से जुड़े कुछ अंश का चित्रण किया जाएगा। ड्रोन शो के लिए टेंडर निकाला गया है। एक सप्ताह में अभी कोई आवेदन नहीं आए है। अनुमति के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया है। राम जन्मभूमि परिसर के कारण केंद्र सरकार से अनुमति मिलना जरूरी है।

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