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अयोध्या...घबराएं नहीं अंतिम यात्रा में भी साथ है रामाय ट्रस्ट:कोरोना काल से अब तक 9 सौ शवों के लिए निशुल्क लकड़ी दी ,कंधे का सहारा भी

अयोध्या20 दिन पहले
अंतिम संस्कार के लिए गरीबों को निशुल्क लकड़ी व लावारिश लाशों को कंधा देता है रामाय ट्रस्ट

अयोध्या के श्मशान घाट का लकड़ी बैंक अयोध्या समेत आसपास के जिलों को अंतिम संस्कार में निशुल्क लकड़ी देकर अंतिम यात्रा में सहयोग कर रहा है। इसके कार्यकर्ता लावारिश लाशों को कंधा देने का काम भी करोना काल से ही करते आ रहे हैंl 10 माह के दौरान लगभग नौ सौ लाशों के अंतिम संस्कार लकड़ी बैंक से सहायता दी जा चुकी हैl

गत वर्ष हरिद्वार से आते समय ट्रने में अरुण कुमार की मौत हो गई,उनकी पत्नी परेशान हो उठी क्योंकि उनके पास तीन छोटे बच्चों के अलावा कोई सहारा नहीं था, सूचना मिलते ही रामाय ट्रस्ट के रीतेश दास ने शव को कंधा दिया व अंतिम संस्कार भी कराया
गत वर्ष हरिद्वार से आते समय ट्रने में अरुण कुमार की मौत हो गई,उनकी पत्नी परेशान हो उठी क्योंकि उनके पास तीन छोटे बच्चों के अलावा कोई सहारा नहीं था, सूचना मिलते ही रामाय ट्रस्ट के रीतेश दास ने शव को कंधा दिया व अंतिम संस्कार भी कराया

कोविड काल में लकड़ी की कालाबाजारी से आहत अयोध्या महापौर ने उठाया सहायता का बीड़ा

वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान श्मशान घाट का लकड़ी की कालाबाजारी सामने आई थीl इससे आहत अयोध्या के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने अपने रामाय ट्रस्ट से कोरोना से मृत्यु हुई लोगों को अंतिम संस्कार के लिए निशुल्क लकड़ी प्रदान करने का बीड़ा उठाया था। जो आज भी कायम है।इस कार्य में महापौर ऋषिकेश उपाध्याय के साथ प्रसिद्ध वैष्णव पीठ श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख व सरयू आरती के संरक्षक स्वामी राजकुमार दास भी योगदान दें रहे है। लकड़ी बैंक के इंचार्ज अयोध्या के रितेश दास अंतिम संस्कार में अपनी टीम के साथ सहयोग भी करते हैं। श्मशान घाट में निशुल्क लकड़ी बैंक का सबसे ज्यादा लाभ उन गरीब परिवारों को मिल रहा है।जो धन के अभाव में अपने परिजनों की मृत शरीर को नदी में प्रवाहित कर देते थे। क्योंकि उनके पास दाह संस्कार के लिए लकड़ी खरीदने तक के पैसे नहीं होते थे। लेकिन अयोध्या नगर निगम के प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय के इस अंतिम संस्कार लकड़ी बैंक से गरीब परिवार के लोगों को निशुल्क लकड़ी अंतिम संस्कार के लिए प्राप्त होती है। साथ ही सरयू नदी में जल प्रवाह में शव को प्रवाहित करने का कार्य भी अब बंद हो गया है। जिससे भगवान राम की अति प्रिय राम गंगा के नाम से जानी जाने वाली सरयू नदी निर्मल और स्वच्छ है ।महापौर ऋषिकेश उपाध्याय का कहना है कोरोना के दौरान लकड़ी की कालाबाजारी की सूचना जब आई तो तय किया की कालाबाजारी के खिलाफ तो कार्रवाई की जाएगी साथ ही महामारी के दौरान दुखी परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए निशुल्क लकड़ियां भी उपलब्ध कराई जाएगी।

संत समाज हृदय से महापौर ऋषिकेश उपाध्याय के इस कार्य के लिए आभारी

लगभग 10 माह बीत गया है और आज तक श्मशान घाट में निशुल्क लकड़ियां अंतिम संस्कार के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। यह आगे भी उपलब्ध कराई जाती रहेगी। यह उनके द्वारा बनाया गया रामाय सेवा ट्रस्ट है जिस से संचालित हो रहा है।ट्रस्ट के संरक्षक स्वामी राजकुमार दास का कहना है महापौर ऋषिकेश उपाय द्वारा द्वारा अंतिम संस्कार हेतु लकड़ी बैंक में निशुल्क लकड़ी प्रदान किए जाना बहुत सराहनीय है।सरयू नदी में लाशों को बहाया जाना कतई उचित नही है।लकड़ी बैंक में निशुल्क लकड़ी के प्राप्त होने से अब जरूरतमंद लोग शव का अंतिम संस्कार करने लगे हैं। शवों को नदी में जल प्रवाह नही कर रहे है।सबसे बड़ा फायदा गरीब जरूरत मंदों को हुआ है और सरयू नदी भी प्रदूषित होने से बच रही है।संत समाज हृदय से महापौर ऋषिकेश उपाध्याय के इस कार्य की प्रशंसा करते हैं।

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