अयोध्या के सरयू महोत्सव पर संकट:चार माह से नहीं मिला सरकारी अनुदान, CM योगी से मिलेंगे अयोध्या के महंत

अयोध्या5 महीने पहले
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2013 से निरंतर चल रही सरयू आरती को प्रदेश को भाजपा की सरकार आने के बाद सरकारी अनुदान मिलना आरंभ हुआ था। - Dainik Bhaskar
2013 से निरंतर चल रही सरयू आरती को प्रदेश को भाजपा की सरकार आने के बाद सरकारी अनुदान मिलना आरंभ हुआ था।

अयोध्या के सरयूतट पर होने वाली दैनिक सरयू आरती न केवल अयोध्या का प्रमुख आकर्षण है, बल्कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र भी है। अब इस आरती पर भी संकट गहराने लगा है। हर साल सरयू की जयंती पर होने वाले महोत्सव पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस साल सरयू जयंती 25 जून को है। पिछले चार महीने से सरकारी अनुदान बंद है। महोत्सव के लिए धन आवंटित भी नहीं हो पा रहा है। ऐसे में समिति में गहरी निराशा दिखाई दे रही है। समिति डीएम के बाद सीएम से आस लगाए हुए है। अयोध्या के महंत इस मामले में जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी बात रखेंगे।

मुख्यमंत्री की सहानुभूति के चलते हर साल हो सका सरयू जयंती महोत्सव
2013 से निरंतर चल रही सरयू आरती को प्रदेश को भाजपा की सरकार आने के बाद सरकारी अनुदान मिलना आरंभ हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष सहानुभूति के चलते हर साल सरयू जयंती पर महोत्सव के लिए 10 लाख से 15 लाख रुपए की सरकारी सहायता मिलती रही है। सरयू के पक्के घाट पर आंजनेय सेवा समिति 2013 से हर दिन शाम के वक्त 1051 बत्ती सरयू आरती करता रहा है। प्रत्येक माह की पूर्णिमा को 2100 बत्ती की आरती होती है।

कोरोना काल में जहां अन्य धार्मिक गतिविधियां प्रभावित, वही सरयू आरती निरंतर चलती रही
वर्तमान में पांच पुजारी मिलकर आरती करते हैं। कोरोना काल में जहां अन्य धार्मिक गतिविधियां प्रभावित रही हैं, वही सरयू आरती निरंतर चलती रही। इसके बावजूद धन का संकट होने से आरती व सरयू महोत्सव पर संकट बना हुआ है। सरयू आरती करने वाली संस्था आंजनेय सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी अनुज कुमार झा से इस संबंध में पत्र लिखकर अनुरोध किया था। मगर कोई संतोषजनक उत्तर अभी तक नहीं मिल सका है। उन्होंने बताया कि सरयू आरती के नाम से सरकार से प्रतिदिन 3 हजार रुपए प्राप्त होते हैं। जबकि सरयू महोत्सव के लिए विगत साल में 10 लाख 15 लाख कि सरकारी सहायता मिलती रही है।

सरयू को जल के रूप में साक्षात ब्रह्म माना गया है
बताते चलें, सरयू अयोध्या की पहचान है और भगवान विष्णु के नेत्र से प्रकट होने के कारण इनका नाम नेत्रजा भी है। सरयू को जल के रूप में साक्षात ब्रह्म माना गया है। यह भगवान श्री राम की बाललीला स्थली भी है। सरयू सिद्धि की खान है, उनके तट पर देवताओं का आवागमन लगा रहता है। विक्रमादित्य को यहीं पर प्रयागराज सरयू स्नान कर अपना पाप धोते हुए दिखाई पड़े थे।

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