जयंती पर हीरे जड़ा मुकुट पहन हुए हनुमानगढ़ी में दर्शन:मध्य रात्रि होते ही डेढ़ किलो सोने के दीपदान व इतने ही सोने की घंटी से हुआ स्वागत

अयोध्या2 महीने पहले
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भगवान श्रीराम के आदेश पर अयोध्या के हनुमानगढ़ी किले में आज भी रहकर भक्तों को दर्शन देते हैं हनुमानजी - Dainik Bhaskar
भगवान श्रीराम के आदेश पर अयोध्या के हनुमानगढ़ी किले में आज भी रहकर भक्तों को दर्शन देते हैं हनुमानजी

अयोध्या में तीन नवंबर को मध्य रात्रि होते ही पावन ध्वनियों के बीच हनुमानगढ़ी में हनुमंतलला प्रकट हुएl दिव्य रसायनों से अभिषेक व वस्त्रों, सुगंध व पकवान से उनका स्वागत किया गयाl इस अवसर पर हनुमानजी को सोने व चांदी की गदा भेंटकर डेढ़ किलो सोने के दीपदान से उनकी आरती कर इतने ही सोने की बनी घंटी से सेवा की गईl भगवान के इस स्वरूप का दर्शन करने के लिए रात दो बजे तक भक्तों का तांता लगा रहाl

अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर का प्रवेश द्वार
अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर का प्रवेश द्वार

हनुमान जयंती पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ा

रामकोट दुर्ग के प्रवेश द्वार पर बना विशाल किला जिसे हम हनुमानगढ़ी के नाम से जानते हैं। यहां भगवान श्रीराम के आदेश पर हनुमानजी साक्षात विराजते हैं। पूरे विश्व में मौजूद रामभक्तों की यहीं से रक्षा करते हैं। जन्म से पहले गद्दीनशीन महंत प्रेमदास महाराज की देखरेख में संतों ने हनुमान जी पर आधारित प्रवचन कियाl इस अवसर पर हनुमानगढ़ी संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डाक्टर महेश दास ने संतों का स्वागत कियाl

रामनगरी हनुमान भक्ति में लीन हो चुकी है
प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी सिद्धपीठ में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर यह उत्सव मनाया जाता हैं। पर्व से पूर्व गुरुवार को सुबह से ही आस्था का हुजूम उमड़ पड़ा है। आस्था और श्रद्धा के साथ हनुमान भक्त पंक्तियों में कतार बद्ध होकर हनुमान जी के दर्शन कर रहे हैं। अयोध्या में हनुमान जयंती का उल्लास शिखर पर है। रामनगरी हनुमान भक्ति में लीन हो चुकी है। अयोध्या के विभिन्न मंदिरों में हनुमान जयंती बड़े ही भक्तिभाव पूर्वक मनाई जा रही है।​​​​​​

हनुमान जी की आराधना करने वाले को किसी और देवता के पास भटकने की जरूरत नहीं

सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर भव्य विद्युत सजावट से जगमगा रहा है। मंदिर में दिनभर हनुमान जी का विशेष श्रृंगार जारी रहेगा। मनुष्य जीवन को तार्थ करने वाली सीताराम, सीताराम, सीताराम, जय सीताराम की मधुर, कर्णप्रिय ध्वनि चहुंओर गुंजायमान हो रही है। महंत संजय दास ने बताया कि आज हनुमान जी का विशेष अभिषेक और पूजन कर दिव्य वस्त्र और आभूषण पहनाए गए हैं। हनुमान जी की आराधना करने वाले को किसी और देवता के पास भटकने की जरूरत नहीं हैं।

हनुमानगढ़ी में दर्शन करने जाते श्रद्धालु।
हनुमानगढ़ी में दर्शन करने जाते श्रद्धालु।

प्रमाण के आधार पर यहां हनुमान जयंती मनाई जाती है
सिद्धपीठ श्री हनुमानगढ़ी के महंत और अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत ज्ञान दास कहते है कि चैत्र पूर्णिमा को जैन मुनि महावीर स्वामी का जन्मदिन है। जैन समुदाय उनकी जयंती भी मनाता है, लेकिन महावीर शब्द के कारण यह भ्रांति पैदा हो गई कि इस दिन हनुमानजी की भी जयंती है। उन्होंने कहा कि कहीं किसी भी शास्त्र में इसका कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि समस्त पंचांगों में स्पष्ट रूप से हनुमान जयंती का उल्लेख कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रमाण के आधार पर यहां हनुमान जयंती मनाई जाती है।

हनुमानगढ़ी किला भव्यता को स्पर्श कर रहा
हनुमान जयंती के अवसर पर अयोध्या स्थित सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी किला भव्यता को स्पर्श कर रहा है। दूधिया रोशनी में पूरा किला जगमगा रहा है। हनुमत जनमोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। मंदिर के गद्दीनशीन महंत प्रेम दास ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को हनुमान जयंती बडे ही धूमधाम के साथ मनाई जा रही है। उन्हाने कहा कि परंपरा के मुताबिक मंदिर में अखंड श्रीरामनाम संकीर्तन पाठ की शुरुआत 24 वैदिक पंडितों ने किया। श्रद्धालुओं ने हनुमानगढ़ी सहित कनकभवन, रामलला आदि विभिन्न मंदिरों का दर्शन-पूजन कर स्वंय को धन्य किया।

पूरी अयोध्या में मनाई जाती है हनुमान जयंती
अयोध्या के बड़ास्थान रामकोट, श्रीरामबल्लभाकुंज, हनुमान वाटिका, हनुमत निवास, हनुमान बाग, रंगलमहल, हनुमत सदन, हनुमान टेकरी, रंगवाटिका, कोशलेस सदन, मणिराम छावनी, जानकी महल, प्रसिद्व पीठ गोकुल भवन में महंत परशुराम दास के सानिध्य में हनुमान जंयती मनाई जा रही है। विश्वविराट राघव मंदिर, वीरभगवान का मंदिर, सहित अन्य मंदिरों में हनुमत जयंती पर सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ आदि विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन चल रहा है।

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