अयोध्या में बाढ़ की चपेट में कई गांव:खतरे के निशान से ऊपर पहुंची सरयू, 10 से ज्यादा गांवों के लोग चपेट में; न खाना पकाने की व्यवस्था न जानवरों के चारे की

अयोध्या4 महीने पहले
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जल स्तर बढ़ने से तटबंद के किनारे स्थित महंगू का पुरवा, सल्लाह पुर,अब्बुपुर, मुजेहना, सराय नासिर, कैथी मांझा आदि गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। - Dainik Bhaskar
जल स्तर बढ़ने से तटबंद के किनारे स्थित महंगू का पुरवा, सल्लाह पुर,अब्बुपुर, मुजेहना, सराय नासिर, कैथी मांझा आदि गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है।

अयोध्या में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के चलते सरयू नदी खतरे के निशान से 8 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी के खतरे का निशान 92 मीटर 73 सेंटीमीटर है। शुक्रवार को जलस्तर बढ़ने की वजह से नदी के किनारे बसे गांवों में जलभराव की स्थित पैदा हो गई है।

अयोध्या में खतरे के निशान से 8 सेमी ऊपर बह रही है सरयू नदी
अयोध्या में खतरे के निशान से 8 सेमी ऊपर बह रही है सरयू नदी

करीब एक महीने पहले रुदौली तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने उप जिलाधिकारी रुदौली विपिन सिंह के साथ महंगू का पुरवा व सल्लाहपुर गांव का दौरा किया था। इस मौके पर उन्होंने बाढ़ कार्य खंड द्वारा 2 करोड़ 65 लाख की लागत से बनाएं जा रहे स्पाइन बांध का भी निरीक्षण किया था।

10 से ज्यादा गावों के हजारों लोग परेशान

जल स्तर बढ़ने से तटबन्ध के किनारे स्थित महंगू का पुरवा, सल्लाह पुर,अब्बुपुर, मुजेहना, सराय नासिर, कैथी मांझा आदि गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। घाघरा नदी के टापू पर बसे कैथी मांझा लगभग 300 की आबादी वाला गांव है। इस गांव में आवागमन का कोई साधन न होने की वजह से बाढ़ राहत कार्य में लगे कर्मचारियो के साथ ही जनप्रतिनिधि भी नहीं पहुंच पाते हैं। जिसके कारण इस गांव की समस्या जस की तस बनी रहती है।

परिवारों को राहत समाग्री पहुंचाने के निर्देश

चारों तरफ जल से घिरे होने के कारण सरकारी सुविधाओं का समुचित लाभ यहां के निवासियों को नहीं मिल पाता, जिसको लेकर क्षेत्रीय विधायक ने तहसील प्रशासन को आवागमन के लिए अतिरिक्त नावों की व्यवस्था और रौनाही तटबंध पर शरण लेने वाले परिवारों को राहत समाग्री पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

कटान रोकने के निर्देश दिए गए

बाढ़ कार्य खंड के कर्मचारियो को संभावित स्थानों पर कटान रोकने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर व्यवस्था करके ऐसे परिवारों को राशन सामग्री का वितरण करने के लिए पूर्ति विभाग को निर्देशित किया गया है।

प्रकृति के मार से लड़ रहे कैथी मांझा के ग्रामीण

एक तरफ घाघरा का प्रकोप है तो दूसरी तरफ गृहस्थी समेटकर बीवी-बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटे कैथी मांझा के ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 2 साल पहले आई भयंकर बाढ़ में लल्लन पुत्र लुकई, सुखीराम पुत्र भगवान, राजकुमार पुत्र केशवराम, देवबक्स पुत्र नन्ही के साथ ही एक ही परिवार के लल्लू, रामसागर और सुखीराम सहित 8 लोगों के घर नदी में समा गए थे।

बीमार हुए तो नदी पार करके 10 किमी दूर होगा इलाज

गुरुवार को घाघरा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 7 सेमी ऊपर पहुंच गया था। जिसके कारण रुदौली तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव के ग्रामीण विकराल समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को खाना पकाने के लिए ईंधन के साथ जानवरों के लिए चारे का इंतजाम करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। मौसमी बुखार का सीजन शुरू होते ही कैथी मांझा के परिवारों में अगर कोई बीमार हो जाता है तो ऐसे में उसे नदी पार करके 10 किलोमीटर की दूर ही इलाज मिल पाता है।

सरकारी अस्पताल बनाए जाने की मांग

ग्रामीणों की ओर से कई सालों से इस क्षेत्र में सरकारी अस्पताल बनाए जाने की मांग की जा रही है। ताकि गंभीर समस्या होने पर बाढ़ पीड़ितों को समुचित इलाज की सुविधा मिल सके। इस संबंध में रुदौली विधायक ने स्वास्थ्य की समस्या को देखते हुए बाढ़ क्षेत्र में मेडिकल टीम भेजने के लिए बात की है। जहां तक स्वास्थ्य केंद्र की बात है, तो प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है।

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