तस्वीरों में देखिए कितना बना राम मंदिर:48 लेयर में बन रही नींव का काम खत्म; अब मिर्जापुर से आए पत्थरों पर बनेगा राम चबूतरा, चंपतराय बोले- हजारों साल तक रहेगा मंदिर का वजूद

अयोध्याएक महीने पहले

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। 48 लेयर की बनाई जा रही नींव का काम लगभग खत्म हो चुका है। इसके बाद राम चबूतरा बनेगा। ऐसे में देश के करोड़ों राम भक्तों में उत्सुकता है कि उनके आराध्य प्रभु राम का मंदिर कैसे और किस तरह बन रहा है। इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बीते एक साल में पहली बार मीडिया की स्पॉट विजिटिंग कराई। नींव का काम लगभग पूरा हो गया है। दो दिन का और काम बचा है। गुरुवार को बारिश के बीच भी नींव की काम जारी है।

ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने बताया कि 48 लेयर के ऊपर बनने वाली आधार भूमि अब तक बने लेयर से 10 गुना ज्यादा मजबूत होगी। जिससे कि मंदिर की नींव हजारों-हजारों साल चल सके। उन्होंने बताया कि आधार भूमि पर बिछाने के लिए मिर्जापुर के पत्थर परिसर में आ गए हैं। इसके ऊपर राम चबूतरा बनेगा और राम चबूतरे के ऊपर मंदिर का निर्माण होगा।

पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए शिलापूजन किया था। इसके बाद नींव निर्माण की शुरुआत हुई थी। दिसंबर 2023 तक जन्मभूमि पर बन रहे मंदिर में भगवान विराजमान हो जाएंगे।

सात तस्वीरों में देखिए ऐसे आकार ले रहा राम मंदिर

राम जन्मभूमि परिक्षेत्र की फोटो खींचना बैन है। इसलिए वही फोटो सामने आ पाती हैं, जिन्हें ट्रस्ट जारी करता है।
राम जन्मभूमि परिक्षेत्र की फोटो खींचना बैन है। इसलिए वही फोटो सामने आ पाती हैं, जिन्हें ट्रस्ट जारी करता है।
महासचिव चंपतराय ने कहा कि रडार सर्वे के जरिए मंदिर निर्माण स्थल पर गहराई तक मलबा भरे होने के संकेत मिले थे। इसके बाद इस स्थल की खुदाई कर मिट्‌टी हटाने के बाद मंदिर निर्माण स्थल पर 400 फीट लंबे और 300 फीट चौड़े भूखंड पर जनवरी 2021 से राम मंदिर की नींव निर्माण का काम चल रहा है।
महासचिव चंपतराय ने कहा कि रडार सर्वे के जरिए मंदिर निर्माण स्थल पर गहराई तक मलबा भरे होने के संकेत मिले थे। इसके बाद इस स्थल की खुदाई कर मिट्‌टी हटाने के बाद मंदिर निर्माण स्थल पर 400 फीट लंबे और 300 फीट चौड़े भूखंड पर जनवरी 2021 से राम मंदिर की नींव निर्माण का काम चल रहा है।
शुरुआत के 75 दिन तक चले इस काम में 12 मीटर गहराई पर सरयू की तह वाली बालू मिली थी। इस स्थल के ऊपर से 10 इंच मोटी परत बिछाने का काम अप्रैल से चल रहा है।
शुरुआत के 75 दिन तक चले इस काम में 12 मीटर गहराई पर सरयू की तह वाली बालू मिली थी। इस स्थल के ऊपर से 10 इंच मोटी परत बिछाने का काम अप्रैल से चल रहा है।
ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण में तेजी के लिए लेयर की संख्या बढ़ाकर 44 से 48 कर दी है। 47 लेयर बन चुके हैं। इसके ऊपर पत्थरों की लेयर बनेगी। फिर चबूतरे का निर्माण होगा।
ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण में तेजी के लिए लेयर की संख्या बढ़ाकर 44 से 48 कर दी है। 47 लेयर बन चुके हैं। इसके ऊपर पत्थरों की लेयर बनेगी। फिर चबूतरे का निर्माण होगा।
इस बीच ट्रस्ट ने फैसला किया कि दुनिया भर के करोड़ों राम भक्त देख सकें कि राम मंदिर निर्माण का कार्य किस तरह चल रहा है।
इस बीच ट्रस्ट ने फैसला किया कि दुनिया भर के करोड़ों राम भक्त देख सकें कि राम मंदिर निर्माण का कार्य किस तरह चल रहा है।
108 एकड़ की भूमि पर लगभग 40 एकड़ में पांच गुंबदों वाला राम मंदिर होगा। बाकी परिसर में श्रीराम के जीवन का चित्रण देखने को मिलेगा।
108 एकड़ की भूमि पर लगभग 40 एकड़ में पांच गुंबदों वाला राम मंदिर होगा। बाकी परिसर में श्रीराम के जीवन का चित्रण देखने को मिलेगा।
राम मंदिर निर्माण में 12 लाख घनफीट पत्‍थर लगेंगे। तीन स्तर पर लगने वाले इन पत्‍थरों में पिलिंथ तक ऊंचाई में 4 लाख घनफीट, परकोटा के निर्माण में 4 लाख घनफीट व मुख्‍य मंदिर के निर्माण मे 4 लाख घनफीट से कुछ ज्‍यादा पत्‍थर लगेंगे।
राम मंदिर निर्माण में 12 लाख घनफीट पत्‍थर लगेंगे। तीन स्तर पर लगने वाले इन पत्‍थरों में पिलिंथ तक ऊंचाई में 4 लाख घनफीट, परकोटा के निर्माण में 4 लाख घनफीट व मुख्‍य मंदिर के निर्माण मे 4 लाख घनफीट से कुछ ज्‍यादा पत्‍थर लगेंगे।

मंदिर निर्माण में जुटी इंजीनियरों की टीम
मंदिर की नींव से लेकर पूरे निर्माण में इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की टीम लगाई गई है। जिसके निर्माण में CDRI रुड़की, IIT चेन्‍नई, IIT पुणे, IIT मुंबई, टाटा इंजीनियरिंग सर्विसेज व एलएंडटी, NGRI हैदराबाद जैसे नामी संस्‍थाओं के विशेषज्ञों को लगाया गया है। 2023 तक मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम को स्थापित करने का लक्ष्य है।

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