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आज पंचतत्व में विलीन होंगे रामलला के सखा:1992 से रामलला की पैरोकारी करते रहे त्रिलोकनाथ पांडेय,सर्वोच्च न्यायालय ने नियुक्त किया था रामलला का सखा, पिछले माह से टहलने में भी थी परेशानी

अयोध्या4 महीने पहले
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रामलला के सखा त्रिलोकीनाथ पांडेय सन् 1992 से ही रामजन्मभूमि मुकदमें की पैरवी करते रहे (फाईल फोटो) - Dainik Bhaskar
रामलला के सखा त्रिलोकीनाथ पांडेय सन् 1992 से ही रामजन्मभूमि मुकदमें की पैरवी करते रहे (फाईल फोटो)

त्रिलोकी नाथ पांडेय ने शुक्रवार शाम को 7.30 बजे लखनऊ के डाॅक्टर. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान अस्पताल में अंतिम श्वांस ली। वे 1992 से ही रामजन्मभूमि से जुड़े सभी मुकदमे की पैरवी करते रहेl l पिछले माह से वे चलने-फिरने में भी लाचार थेl आज यानि शनिवार को उनके गृह जनपद बलिया में उन्हें शाम चार बजे पंचतत्व में विलीन कर दिया जाएगा l

रामलला के सखा त्रिलोकीनाथ पांडेय मीसा के बंदी भी रहे (फाईल फोटो)
रामलला के सखा त्रिलोकीनाथ पांडेय मीसा के बंदी भी रहे (फाईल फोटो)

श्री पांडेय आपात काल में मीसा बंदी रहेl 1979 से विश्व हिंदू परिषद के पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य प्रारम्भ कियाl आपात काल के पूर्व राय बरेली जिले के जिला प्रचारक रहे।विश्व हिंदू परिषद के संगठन के दायित्व से मुक्त करके जुलाई 1992 में उन्हें अयोध्या लाया गयाl तब से अयोध्या ही उनकी कर्मभूमि रही है।

उच्च न्यायालय में रामलला का मुकदमा देखने के लिए उन्हें "रामसखा" नियुक्त किया गया

1992 के बाद सिविल और अपराध दोनों ही प्रकार के श्रीराम जन्मभूमि के मुकदमों की चिंता पैरोकार के रूप में करते थे।सर्वोच्च न्यायालय की ओर से उच्च न्यायालय लखनऊ में भगवान राम का मुकदमा देखने के लिए उन्हें "राम सखा" नियुक्त किया गया था। वे वकीलों के बीच सदैव तालमेल बनाये रखते थे और भगवान के पक्ष में गवाहों को प्रस्तुत करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। 2017 से उन्हें चलने में कष्ट होने लगा था।दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनके शरीर की जांच पड़ताल हुई थी। बाद में उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गयाl जांच में पता चला कि गर्दन और कमर दोनों ही अंगों की नस दब रही हैं और अब आपरेशन ही विकल्प है। देश के योग्य सर्जन डाक्टर काले ने उनका ऑपरेशन किया था जो सफल रहा और वे चलने फिरने लगे थे।

20 सितंबर को वे राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में भर्ती हुए

5 अगस्त, 2020 को श्रीराम जन्मभूमि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी वे उपस्थित रहेl मंदिर निर्माण कार्यस्थल पर भी वे अनेकों बार गए, परन्तु गत माह से उनका चलना-फिरना लगभग बन्द हो गया थाl बारम्बार लखनऊ इलाज के लिए जाना पड़ता थाl स्वयं लखनऊ में अपने परिचित डा. विक्रम से बात करने के बाद 20 सितम्बर को वे डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में भर्ती हुए, परन्तु फिर अयोध्या लौटे तो सूक्ष्म शरीर से वे मूलतः बलिया जिले के दया-छपरागांव के निवासी थे, उनकी सभी पुत्र-पुत्रियाँ विवाहित हैं। दो पुत्र अरविन्द पांडेय व अमित पांडेय हैंl

राममंदिर ट्रस्ट व महंत शोकाकुल

श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले रामलला के सखा त्रिलोकी पांडेय के निधन पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय व सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्र व अयोध्या राजा व विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र,मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख राजकुमार दास, पूर्व सांसद डॉक्टर रामविलास दास वेदान्ती,मनीष पांडेय, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा आदि ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है ।

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