PNB महिला अफसर सुसाइड केस:IPS समेत तीन पर मुकदमा दर्ज; महिला के पिता बोले- शादी तोड़ने की वजह से बेटी को परेशान किया जा रहा था

अयोध्या/लखनऊ9 महीने पहले

अयोध्या के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की असिस्टेंट मैनेजर श्रद्धा गुप्ता के सुसाइड केस में IPS आशीष तिवारी समेत तीन लोगों पर कोतवाली में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने सभी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी बनाया है। श्रद्धा ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि उसकी विवेक गुप्ता नाम के एक शख्स के साथ शादी तय हुई थी, लेकिन बाद में खुद उसने शादी से इनकार कर दिया था। श्रद्धा ने IPS आशीष तिवारी और एक अन्य पुलिस अधिकारी अनिल रावत को भी अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था।

आशीष तिवारी वर्तमान में एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) के इंचार्ज हैं। वे पहले अयोध्या में तैनात रहे हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती लखनऊ में है। वहीं, अनिल रावत की तैनाती अयोध्या में ही है।श्रद्धा के पिता का आरोप है कि विवेक अपने दोस्त आशीष और अनिल रावत की मदद से बेटी को फोन कराकर परेशान करा रहा था। इस बारे में IPS आशीष से संपर्क का प्रयास किया गया तो उनका फोन स्विच ऑफ था।

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बेटी ने कहा था- मैं उससे शादी नहीं करूंगी
पिता ने कहा कि मेरी बेटी की शादी 2020 में विवेक गुप्ता पुत्र उमाशंकर गुप्ता निवासी उतरौला से तय हुई थी। बेटी और दामाद की फोन पर बातचीत होती थी। लेकिन, कोरोना की वजह से शादी नहीं हो पाई थी। इस बीच मेरी बेटी ने बताया कि विवेक की आदत ठीक नहीं है। मैं उससे शादी नहीं करुंगी। इसके बाद शादी तोड़ दी गई। इसके बाद विवेक कई तरह से उसे परेशान करने लगा। इस बारे में श्रद्धा ने कई बार मुझे बताया।

श्रद्धा ने अपनी डायरी के 60 पन्नों में पूरा वाकया लिखा है कि विवेक का चाल-चलन कैसा था? उसकी हरकतों की जानकारी मिलने के बाद ही उसने उससे दूरी बनाई। श्रद्धा ने लिखा है कि विवेक से जब उसने दूरी बनाई तो वह ब्लैकमेलिंग पर उतारू हो गया।

पीड़ित पिता की तहरीर।
पीड़ित पिता की तहरीर।

धमकी देता था कि मेरी पहुंच पुलिस के बड़े अधिकारियों तक है
पिता ने बताया कि कई बार विवेक को समझाने का प्रयास किया। मगर, वो हर बार यही कहता था कि मेरी पहुंच पुलिस के बड़े अधिकारियों तक है। अगर मुझे परेशान करोगे तो बहुत बुरा होगा। मेरी बेटी हर हफ्ते लखनऊ में मिलने आती थी। पिछले 15 दिन से वो काफी परेशान थी। श्रद्धा ने अपनी मां को बताया था कि विवेक परेशान कर रहा है। इतना ही नहीं वो बड़े-बड़े पुलिस अफसरों से फोन करा कर मानसिक तौर पर टॉर्चर करा रहा है। इसके बाद हम लोगों ने उसे समझाकर भेज दिया था।

IPS आशीष तिवारी म‍िर्जापुर, इटावा और अयोध्या में बतौर एसपी तैनात रहे हैं।
IPS आशीष तिवारी म‍िर्जापुर, इटावा और अयोध्या में बतौर एसपी तैनात रहे हैं।

जानिए कौन हैं IPS आशीष?

  • 2012 बैच के आईपीएस आशीष तिवारी को हाल ही में एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) का पहला इंचार्ज बनाया गया है। भारतीय पुलिस सेवा में आने से पहले वह लंदन और जापान के बैंकों में जॉब करते थे। वहां उनकी सलाना सैलरी एक करोड़ रुपए थी।
  • आशीष मूल रूप से मध्य प्रदेश के इटारसी के रहने वाले हैं। पिता कैलाश नारायण तिवारी, रेलवे इटारसी में सेक्शन इंजीनियर हैं। आशीष की 12वीं तक की पढ़ाई इटारसी के केंद्रीय विद्यालय में हुई। इसके बाद 2002 से 2007 तक उन्होंने कानपुर आईआईटी से कम्प्यूटर साइंस में बीटेक और फ‍िर एमटेक कम्प्लीट क‍िया।
  • 2007 में ही वह कैंपस सि‍लेक्शन के दौरान लंदन की लेहमैन ब्रदर्स कंपनी में सि‍लेक्ट हुए, जहां उन्होंने डेढ़ साल काम किया। इसके बाद उन्होंने जापान के नोमुरा बैंक में डेढ़ साल जॉब की। दोनों बैंकों में एक्सपर्ट एनालिस्ट पैनल में उनका सिलेक्शन हुआ था।
  • 2010 में आशीष ने वापस इंडि‍या आकर सिविल सर्विस की तैयारी की और 2011 में आईआरएस इनकम टैक्स में उनका सि‍लेक्शन हुआ। इसके बाद 2012 में उनका आईपीएस में सि‍लेक्शन हुआ। इसमें उन्होंने 219वीं रैंक हास‍िल की। 2013 में उनका आईपीएस ट्रेनिंग के दौरान एक बार फिर आईपीएस में सि‍लेक्शन हुआ और उन्हें 247वीं रैंक मिली।

मकान मालिक ने खिड़की से लटका देखा था शव

श्रद्धा के कमरे से पुलिस को मिला सुसाइड नोट
श्रद्धा के कमरे से पुलिस को मिला सुसाइड नोट

शनिवार को फंदे पर लटका मिला था शव
श्रद्धा ने अयोध्या के ख्वासपुरा के पीएनबी की शाखा में बतौर क्लर्क साल 2015 में ज्वाइन किया था। प्रमोशन के बाद श्रद्धा को बछड़ा सुल्तानपुर के पीएनबी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर भेजा गया। उसने बैंक के सामने विष्णु एंड कंपनी बिल्डिंग में कमरा किराए पर ले रखा था। श्रद्धा यहां अकेली रहती थीं। शनिवार की सुबह दूध वाले ने श्रद्धा के कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर उसने मकान मालिक को खबर दी। मकान मालिक ने खिड़की से अंदर झांका तो श्रद्धा के शव को दुपट्टे के फंदे पर लटकता हुआ देखा।