संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा व्रत:जीवित्पुत्रिका पर्व पर 24 घंटे तक अन्न-जल का त्याग, कल सुबह खत्म होगा उपवास

बूढ़नपुर19 दिन पहले
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बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र में रविवार को जीवित्पुत्रिका पर्व को लेकर माताओं में उल्लास दिखा। माताओं ने संतान की लंबी उम्र के लिए निर्जल व्रत रखा। 24 घंटे तक माताएं बिना अन्न और जल के रहेंगी।

पुत्रों की लंबी उम्र की कामना के लिए यह व्रत रखा जाता है। महिलाओं द्वारा यह व्रत किया जाता है। सोमवार की सुबह महिलाओं का व्रत समाप्त होगा।

24 घंटे का होता है व्रत

बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के में आज रविवार को जीवित्पुत्रिका पर्व को लेकर महिलाओं ने आज व्रत रखा है। क्षेत्र में महिलाओं द्वारा जीवित्पुत्रिका का निर्जल व्रत रखा गया है। व्रती महिलाओं द्वारा कथा कहानी कही जाती है। उसके बाद अगले दिन उपवास तोड़ा जाता है।

शान्ति, चन्दा, मानती, शकुंतला, विमला, सावित्री आदि व्रती महिलाओं ने बताया कि कुछ महिलाओं को जब पुत्र प्राप्त नहीं होता है तो वे जीवित्पुत्रिका के व्रत का संकल्प ले लेती हैं। मनोकामना पूरी होने पर वे व्रत रखती हैं। जिन महिलाओं के पास बेटे नहीं होते हैं वे इस व्रत को नहीं रख सकती हैं। हर साल इस व्रत को लेकर महिलाओं में उत्साह रहता है। शाम को सभी गांव की महिलाएं एक जगह जुटती हैं। इस दौरान पौराणिक कहानियां सुनाई जाती हैं।

बूढ़नपुर में व्रत के दौरान पूजन करतीं महिलाएं।
बूढ़नपुर में व्रत के दौरान पूजन करतीं महिलाएं।
बूढ़नपुर में व्रत के दौरान पूजन करतीं महिलाएं।
बूढ़नपुर में व्रत के दौरान पूजन करतीं महिलाएं।
बूढ़नपुर में व्रत के दौरान पूजन करतीं महिलाएं।
बूढ़नपुर में व्रत के दौरान पूजन करतीं महिलाएं।
ज्योतिषाचार्य आचार्य कमला प्रसाद मिश्र ने व्रत के बारे जानकारी दी।
ज्योतिषाचार्य आचार्य कमला प्रसाद मिश्र ने व्रत के बारे जानकारी दी।

ज्योतिषाचार्य आचार्य कमला प्रसाद मिश्र ने बताया कि जिन महिलाओं को संतान नहीं होती है। वे इस व्रत का संकल्प लेती है। जब बेटा हो जाता है तो सोने की जीवित्पुत्रिका बनवाती हैं। जब बेटा 5 वर्ष का हो जाता है तो इस संकल्प को पूरा करने के साथ व्रत रखती हैं।

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