आजमगढ़ में जलभराव से निपटने को प्रशासन हुआ सक्रिय:ADM ने दिया जनता को आश्वासन, बारिश न हुई तो 48 घंटे में खाली करा लिया जाएगा पानी, विभागों के सहयोग से लगाए जा रहे पम्प

आजमगढ़9 महीने पहले
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आजमगढ़ जिले में भारी बारिश के बाद जिला प्रशासन ने पम्प सेट लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। - Dainik Bhaskar
आजमगढ़ जिले में भारी बारिश के बाद जिला प्रशासन ने पम्प सेट लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

आजमगढ़ जिले में 16 सितम्बर को हुई आफत की बारिश से जिले की जनता अभी उबर नही पाई कि 2 अक्टूबर को फिर जोरदार बारिश हो गई। इस बारिश से जिले के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया है। जहां 16 सितम्बर को 370 MM बारिश हुई थी, वहीं 2 अक्टूबर को जिले में 200 MM बारिश हुई है। इस बारिश के कारण जिले के बागेश्वर, चांदमारी, कोलघाट, मड्या, हीरापट्टी, फराजटोला के मोहल्लों में पानी भरा है। इन मोहल्लों में जलभराव के साथ यहां रहने वाले लोगों को बिजली संकट का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में शहर के लोगों की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन गंभीर हुआ है। कमिश्नर विजय विश्वास पंत के निर्देश पर अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा कर 48 घंटे में जलभराव को खत्म करने का आश्वासन दिया।

आजमगढ़ जिले में जलभराव की समस्या को 48 घंटे में समाप्त करने की जानकारी देते ADM आजाद भगत सिंह व SDM सदर वागीश शुक्ला।
आजमगढ़ जिले में जलभराव की समस्या को 48 घंटे में समाप्त करने की जानकारी देते ADM आजाद भगत सिंह व SDM सदर वागीश शुक्ला।

क्या कहते हैं ADM
शहर से सटे इलाकों में जलभराव की समस्या जानने ADM फाइनेंस आजाद भगत सिंह, SDM सदर वागीश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा किया। दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए ADM आजाद भगत सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन ने 60 हार्स पावर से लेकर 350 हार्स पावर के कई पम्प मंगाए हैं, जिन्हें लगाने का काम किया जा रहा है। ADM का कहना है कि यदि बारिश नहीं होती है तो आगामी 48 घंटे में यहां रहने वाली जनता को जलभराव से मुक्ति मिलेगी।

बनाए गए 6 शरणालय
ADM आजाद भगत सिंह ने बताया कि जिले के जलभराव वाले लोगों के लिए 6 शरणालय बनाए गए हैं। जहां पर जलभराव प्रभावित लोगों के रहने व खाने की व्यवस्था का इंतजाम किया गया है। हालांकि अभी तक इन शरणालयों में रहने कोई नहीं आया है।

क्या कहते हैं स्थानीय
जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन ने देर से यह व्यवस्था शुरू की। इसे पहले होना चाहिए था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर स्थायी रूप से पम्प लगाए जाने चाहिए जिससे यहां रहने वाले लोगों को समस्याओं का सामना न करना पड़े। यहां हर वर्ष जलभराव हो जाता है।

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