आजमगढ़ की बेहाल जनता का अखिलेश ने नहीं पूछा हाल:बिजली कटौती जलभराव से जूझ रही जनता का नहीं लिया हाल, पूर्व मंत्री के घर से वापस लौट गए अखिलेश यादव

आजमगढ़8 महीने पहले
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पूर्वांचल एक्सप्रेस पर महिलाओं, युवाओं, किसानों से मिलकर समस्याओं को सुनते हुए। - Dainik Bhaskar
पूर्वांचल एक्सप्रेस पर महिलाओं, युवाओं, किसानों से मिलकर समस्याओं को सुनते हुए।

आजमगढ़ की जनता को अपने सांसद अखिलेश यादव के दौरे को लेकर बड़ी उम्मीदें थी पर अखिलेश यादव जिले की जनता को निराश कर लखनऊ चले गए। 26 सितम्बर को पूर्व मंत्री बलराम यादव की पुत्रवधू के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने आए अखिलेश यादव वहीं से वापस लौट गए। लक्जरी गाड़ियों का काफिला व चमचमाती सड़कों के आगे जिले की जनता का दुख, दर्द नहीं बांट सके। इसको लेकर जिले की जनता ने अखिलेश यादव के विरोध में सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर की गई कई पोस्ट में लिखा गया है कि जिले की जनता ने एक ऐसा सांसद चुना है जो सिर्फ बहुभोज व तेरहवीं कार्यक्रम में हिस्सा लेने जिले में आते हैं। यह कोई पहला वाक्या नही है। इससे पूर्व भी अखिलेश यादव जिले में बहुभोज कार्यक्रम में शामिल होने आए और जनता से बिना मिले ही वापस चले गए। इसको लेकर जनता में काफी गुस्सा है।

अखिलेश की जगह काम कर रहे हम लोग
आजमगढ़ की जनता की समस्याओं पर अखिलेश यादव द्वारा कोई संज्ञान न लिए जाने के सवाल पर पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव का कहना है कि अखिलेश यादव भले ही जिले के दौरे पर नहीं आते पर जनता की समस्याओं को बारे में जानकारी रखते हैं। हम लोग उनके प्रतिनिधि के रूप में लगातार बिजली पानी के लिए प्रशासन से संघर्ष कर रहे हैं।

अखिलेश यादव का संसदीय क्षेत्र जलभराव व बिजली कटौती का संकट झेल रहा है।
अखिलेश यादव का संसदीय क्षेत्र जलभराव व बिजली कटौती का संकट झेल रहा है।

अखिलेश ने शेयर की तस्वीरें

प्रदेश के EX CM अखिलेश यादव ने अपने फेसबुक व ट्वीटर एकाउंट पर पूर्वांचल एक्सप्रेस पर महिलाओं, किसानों व युवाओं से मिलते हुए खूब तस्वीरें शेयर की। अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री बलराम यादव के घर श्रद्धांजलि समारोह की भी तस्वीरें शेयर की पर जिले की वह जनता जिसने अखिलेश यादव को अपना जनप्रतिनिधि चुना। विगत 12 दिनों से जलभराव व बिजली कटौती का सामना कर रही है। उनका हाल लेना भी अखिलेश यादव ने मुनासिब नही समझा।

आजमगढ़ जिले में भारी बारिश से जलभराव के बाद लोगों को घरों से निकलना हुआ मुश्किल।
आजमगढ़ जिले में भारी बारिश से जलभराव के बाद लोगों को घरों से निकलना हुआ मुश्किल।

जिले में सपा नहीं निभा रही विपक्ष की भूमिका

समाजवादी पार्टी केरल व दिल्ली में कोई घटना घट जाती है तो भले ही धरना-प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराती है। पर जिस तरह से जिले की जनता को जलभराव व बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर सपा ने काेई जनहितकारी कदम नहीं बढ़ाया जिससे जनता को मदद मिल सके।

कांग्रेस अदा कर रही विपक्ष की भूमिका

जिले में जलभराव व बिजली कटौती के मुद्दे को लेकर सपा ने भले ही चुप्पी साध रखी है पर कांग्रेस ने सिंचाई विभाग के विरोध में प्रदर्शन कर इस जलभराव का जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह ने 8 सूत्रीय मांग पत्र भी अधिकारियों को देकर जनता की समस्याओं को दूर करने की मांग की। ​​​​

आजमगढ़ जिले में भारी बारिश के बाद मोहल्लों में जलभराव का दृश्य।
आजमगढ़ जिले में भारी बारिश के बाद मोहल्लों में जलभराव का दृश्य।

12 दिन से बिजली जलभराव से जूझ रही जनता
आजमगढ़ जिले में 16 सितम्बर को हुई बारिश का खामियाजा अब तक जिले की जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर से सटे कोलघाट, बागेश्वरनगर, हीरापट्टी ऐसे इलाके हैं जो पानी में डूबे हुए हैं। इन इलाकों में मकान पानी में डूब हुए हैं। यहां रहने वाली जनता का लगातार धैर्य टूट रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से प्रशासन का लचर रवैय्या है उससे अभी यहां से पानी निकलने में 15 दिन लग जाएगा।

नाकाम साबित हुई नगर पालिका
स्थानीय रिंकू सिंह का कहना है कि जिस तरह से नगर पालिका व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने 3 दिन में पानी की निकासी की बात की थी। आज सब झूठ साबित हो रही है। दो पम्प सेट के सहारे जिस गति से पानी निकाला जा रहा है, इससे तो लगता है कि अभी यहां से पानी निकालने में 15 दिन लग जाएंगे। इन क्षेत्रों में रहने वाली जनता नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो रही है।

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