आजमगढ़...एक एकड़ में आनंद ने की 20 लाख की कमाई:धान-गेहूं की फसल से नहीं हो सकता इतना मुनाफा; पारंपरिक सब्जियों की खेती कर रहे किसान

आजमगढ़एक महीने पहले
आजमगढ़ जिले में प्रगतिशील किसानों के लिए लगी प्रदर्शनी, पारंपरिक सब्जियों की खेती कर किसान हो रहे लाभान्वित।

आजमगढ़ में उद्यान विभाग ने प्रगतिशील किसानों की प्रदर्शनी लगाई है। इसका मकसद है कि जो प्रगतिशील किसान हैं, वह अपनी उपज के बारे में और ज्यादा किसानों को जानकारी दे सकें। जिससे हमारे किसान अपनी आय को बढ़ा सकें।

इस प्रदर्शनी में जिले भर के प्रगतिशील किसान हिस्सा ले रहे हैं। प्राइवेट कंपनी से आकर खेती करने वाले जिले के बनकट निवासी आनंद राय इस प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बने हैं। पारंपरिक सब्जियों की खेती कर वर्ष में 20 लाख रुपए से अधिक की कमाई कर रहे हैं।

सफर नहीं था आसान
दैनिक भास्कर से बातचीत करते आनंद कुमार राय ने बताया कि एक प्राइवेट कंपनी में GM था। परिवार में एक घटना घटी जिस कारण नौकरी छोड़कर घर को आना पड़ा। पहले हमने पॉली हाउस के बारे में पढ़ा और सुना था। अपने गांव बनकट में एक एकड़ में पॉली हाउस का निर्माण कराया जिसकी लागत 50 लाख आई। जिसके बाद लाल, हरी, पीली, रंगीन शिमला मिर्च की खेती करना शुरू किया। लेकिन कोरोना संक्रमण और ओलावृष्टि के कारण पॉली हाउस फट गया। रंगीन शिमला मिर्च से एक एकड़ में 20 लाख का मुनाफा कमाया।

पॉली हाउस फटने से शुरू की पारंपरिक सब्जियों की खेती
आनंद राय का कहना है कि कोरोना संक्रमण व ओलावृष्टि के कारण जब पॉली हाउस फट गया तो मेरे सामने सबसे बड़ा संकट यह था कि अब कैसे गुजारा होता तो हमने पारंपरिक सब्जियों की खेती करनी शुरू की। आज हमारे खेत में बींस, बैगन, शिमला मिर्च की खेती हो रही है। हमारी बींस प्रोटीन रिच डायट है। यही कारण है कि लगातार कमाई बढ़ रही है। आनंद राय का कहना है कि गेहूं, धान की अपेक्षा 5 गुना से अधिक का मुनाफा हमें मिल रहा है। इसके साथ ही इस वर्ष हमारा लक्ष्य इससे पांच लाख रुपए कमाने का है। साथ ही 15 लोग जुड़े हैं, इससे उनके परिवारों का भी भरण-पोषण हो रहा है।