आजमगढ़ में बोले बीएन राय:नफरत को बढ़ावा देने वाली राजनीतिक साजिशों को बेनकाब करने की जरूरत, साहित्यकारों के लिए प्रसिद्ध है जिला

आजमगढ़एक वर्ष पहले
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आजमगढ़ जिले में पहुंचे वर्धा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बीएन राय ने शिक्षा के निजीकरण को लेकर निशाना साधा। - Dainik Bhaskar
आजमगढ़ जिले में पहुंचे वर्धा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बीएन राय ने शिक्षा के निजीकरण को लेकर निशाना साधा।

आजमगढ़ जिले में प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रख्यात साहित्यकार विभूति नारायण राय का स्वागत किया गया। महात्मा गांधी वर्धा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बीएन राय ने कहा कि मुझे ऐसे समय में लेखकों के ऐतिहासिक संगठन प्रगतिशील लेखक संघ की जिम्मेदारी मिली है। जब पूरे देश में लेखकों और संस्कृतिकर्मियों के सामने अभिव्यक्ति का सबसे कठिन समय है। यह सिर्फ लेखकों का संकट नहीं है बल्कि इस.देश की बहुसंख्यक जनता का संकट भी है। खास तरह की विचारधारा के लोग देश की बहुलतावादी और धर्मनिरपेक्ष संस्कृति को नष्ट करने में लगे हुए हैं। अनेकता एवं विविधता से भरे हमारे देश में सहअस्तित्व की भावना आरंभ से ही रही है और यही भारत की राष्ट्रीयता का आधार है। किंतु कट्टरपंथी राजनीति ने इसे गलत अर्थ और दिशा प्रदान की है। इसलिए संस्कृतिकर्मियों एवं बुद्धिजीवियों का नागरिक दायित्व है कि वे इसका खुला विरोध करें।

शिक्षा का हो रहा निजीकरण
पूर्व कुलपति बीएन राय ने कहा कि आज शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। कोई साधारण व्यक्ति उच्च शिक्षण संस्थाओं में अपने बच्चे को पढ़ाने की हैसियत खो बैठा है। आजमगढ़ अंतरराष्ट्रीय ख्याति के साहित्यकारों के लिए प्रसिद्ध है। महापंडित राहुल सांकृत्यायन हमारे गर्व और गौरव हैं। खुशी की बात है कि आजमगढ़ में एक विश्वविद्यालय खुल गया है।

राहुल जी के गांव को स्मारक बनाने की जरूरत
पूर्व कुलपति बीएन राय ने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि विश्वविद्यालय राहुल सांकृत्यायन जैसे प्रकांड विद्वान के नाम पर खोला जाय। उम्मीद करते हैं कि सरकार इस पर गौर करेगी। इसके साथ ही राहुल सांकृत्यायन के गांव कनैला को एक भव्य स्मारक के रूप में बनाने की जरुरत है और इसी के साथ-साथ मौलाना शिबली नोमानी और हरिऔध जी की जन्मस्थली को भी ऐसे ही विकसित किया जाय। यदि सरकार ऐसा नहीं कर पाती है तो जनसहयोग से यह काम हम लोग ही फिर करेंगे।

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