आजमगढ़...डीएम अमृत त्रिपाठी ने संभाला चार्ज:20 दिन में कोरोना शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन प्राथमिकता, कानून-व्यवस्था से नहीं होगा समझौता

आजमगढ़5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
आजमगढ़ के डीएम अमृत त्रिपाठी ने संभाला चार्ज, कोरोना वैक्सीनेशन होगी प्राथमिकता, कानून-व्यवस्था से नहीं होगा समझौता। - Dainik Bhaskar
आजमगढ़ के डीएम अमृत त्रिपाठी ने संभाला चार्ज, कोरोना वैक्सीनेशन होगी प्राथमिकता, कानून-व्यवस्था से नहीं होगा समझौता।

आजमगढ़ जिले के नवागत जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने पांच घंटे के भीतर आजमगढ़ पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। पूर्व में जिले के DM रहे राजेश कुमार का मुख्य सचिव का स्टाफ अफसर बनाया गया। मुख्य सचिव के स्टाफ सेक्रेटरी रहे अमृत त्रिपाठी को आजमगढ़ जिले में डीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई। पहली ही बैठक में जिले के अधिकारियों को कोरोना के प्रति सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। DM ने कहा कि जिस प्रकार से कोरोना की तीसरी लहर तेजी से आ रही है उस पर काबू करना सबसे बड़ी चुनौती है। इसमें सबसे बड़ा कार्य वैक्सीनेशन का होना है।

20 दिन में 100 प्रतिशत होगा वैक्शीनेशन
जिले के DM अमृत त्रिपाठी ने कहा कि जिले में वैक्शीनेशन 20 दिनों के भीतर 100 प्रतिशत पूरा कराना प्राथमिकता है। इसके साथ ही जागरूकता करने वाली निगरानी समितियों को पुरस्कृत किया जाएगा। वैक्सीनेशन के मामले में आजमगढ़ पूरे प्रदेश में आठवें स्थान पर है लेकिन अभी भी कई कार्य अधूरे हैं। वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को जागरूक तो किया ही जाएगा इसके अलावा लोगों को प्रेरित करने के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा भी कराई जाएगी। इसके लिए जो गांव वैक्सीनेशन में पिछड़े हैं उनको ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण से आच्छादित करने के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा होगी और तहसील स्तर पर भी इसी प्रकार प्रतिस्पर्धा होगी।

2008 के आईएएस अधिकारी हैं अमृत त्रिपाठी
2008 बैच के आईएएस अधिकारी अमृत त्रिपाठी ने अपने कैरियर की शुरूआत गाजीपुर के जमुनिया से की थी। उत्तराखंड रानीखेत के रहने वाले अमृत त्रिपाठी इससे पूर्व झांसी, प्रतापगढ़, सीतापुर, बागपत, शाहजहॉपुर में DM के पद पर कार्यरत रहे हैं। प्रमुख सचिव/सचिव, सचिवालय प्रशासन, वित्त, हार्टीकल्चर, में कार्य कर चुके हैं।

कानून-व्यवस्था से नहीं होगा समझौता
DM अमृत त्रिपाठी का कहना है कि कल्याणकारी योजनाओं को चलाया जाएगा। कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कोरोना हम सभी के लिए चिंता का विषय है। प्रदेश में कोविड-19 के तीसरी लहर का आगमन हो चुका है, इसलिए हम सभी को कोविड-19 के गाइडलाइन का शत प्रतिशत अनुपालन करते हुए अपने हितों को ध्यान में रखकर टीम के रूप में कोरोना से लड़ाई करने की जरूरत है। कोरोना काल में ग्रामीण क्षेत्रों में जिन निगरानी समितियों ने अच्छा कार्य किया है, उसमें से पांच सबसे बेहतर निगरानी समितियों का चयन कर उनमें कार्य करने वाले सरकारी कर्मचारी, प्रधान से व्यक्तिगत तौर पर सम्पर्क कर मुझसे मिलवायें।