आजमगढ़...कुसुम राय पर मुकदमा न दर्ज करने पर इंस्पेक्टर तलब:न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मांगा स्पष्टीकरण, आदेश के बाद भी नहीं दर्ज हुआ था मुकदमा

आजमगढ़2 महीने पहले
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आजमगढ़ जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूर्व सांसद कुसुम राय पर मुकदमा दर्ज करने का दिया था आदेश, आदेश न मानने पर इंस्पेक्टर को किया तलब। - Dainik Bhaskar
आजमगढ़ जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूर्व सांसद कुसुम राय पर मुकदमा दर्ज करने का दिया था आदेश, आदेश न मानने पर इंस्पेक्टर को किया तलब।

आजमगढ़ जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूर्व सांसद कुसुम राय पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद भी बिलयरियागंज इंस्पेक्टर द्वारा मुकदमा दर्ज न करने के कारण 25 नवम्बर को पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। यह आदेश विजय रत्न राय की तरफ से दिए गए प्रार्थना-पत्र पर दिया। 2 वर्ष पहले हॉस्पिटल की बाउंड्री गिराकर लैपटॉप व रूपए लूटने के मामले में कुसुम राय सहित 11 लोगों के खिलाफ बिलरियागंज थाने में मुकदमा दर्ज करने का आदेश 7 अक्टूबर को दिया था। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद अभी तक मामले में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ जिस कारण कोर्ट ने कड़ा रूख अपनाया है।

यह है आरोप
आजमगढ़ के CJM कोर्ट ने 2 साल पहले हॉस्पिटल की बाउंड्री गिराकर लैपटॉप व रूपए लूटने के मामले में कुसुम राय सहित 11 लोगों के खिलाफ बिलरियागंज थाने में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। मामले में पीड़ित विज्ञान रत्न राय पुत्र सूर्य कुमार राय निवासी मानपुर थाना बिलरियागंज ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। विज्ञान रत्न राय ने आरोप लगाया था कि उनके चचेरे भाई श्रवण राय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। श्रवण राय की सगी बहन कुसुम राय अपने राजनैतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर हम लोगों के खिलाफ साजिश करती रहती हैं।

आजमगढ़ जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कुसुम राय के खिलाफ मुकदमा न दर्ज करने पर इंस्पेक्टर को किया तलब।
आजमगढ़ जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कुसुम राय के खिलाफ मुकदमा न दर्ज करने पर इंस्पेक्टर को किया तलब।

8 अक्टूबर से मिल रही धमकी
कुसुम राय केस में पुलिस से सहायता न मिलने के बाद पीड़ितों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने 7 अक्टूबर को कुसुम राय समेत 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश हुआ था। आदेश के बाद 8 अक्टूबर की शाम को एक महिला ने सीआईडी अधिकारी के नाम से कॉल कर पीड़ितों को धमकी दी। इसके बाद एक अन्य पुरुष ने CID अधिकारी के नाम से उनके भतीजे जो कि मामले में वादी हैं। उनको कॉल करके उनके दो बच्चों को गायब करने की धमकी दी।

कौन हैं कुसुम राय
आजमगढ़ जिले की रहने वाली पूर्व राज्यसभा सदस्य कुसुम राय लखनऊ के राजाजीपुरम से पार्षद चुनी गई थी। यहीं से लगातार राजनीति में आगे बढ़ती गई। पार्षद से एमएलसी, लोकनिर्माण मंत्री व राज्यसभा सदस्य सदस्य तक का सफर तय किया। 2003 में सपा व EX CM कल्याण सिंह की पार्टी राष्ट्रीय क्रान्ति पार्टी के विलय के बाद कुसुम राय को लोकनिर्माण मंत्री बनाया गया था। उस समय सत्ता में कुसुम राय की काफी धमक थी। वर्तमान समय में कुसुम राय भाजपा की वरिष्ठ नेत्री हैं।