आजमगढ़ माहुल नगर पंचायत में मुकाबला रोचक:परिवर्तन और विकास के मुद्दों पर लड़ा जा रहा चुनाव, पूर्व के उपविजेता भी मैदान में

आजमगढ़3 महीने पहले
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आजमगढ़ जिले की माहुल नगर पंचायत का रोचक हुआ मुकाबला, परिवर्तन और विकास के मुद्दे पर लड़ा जा रहा चुनाव।

आजमगढ़ जिले की माहुल नगर पंचायत का चुनाव रोचक होता जा रहा है। लगभग 15 हजार की आबादी वाले इस इलाके में पांच बीड़ी की फैक्ट्रियां है और 150 से अधिक परिवार बीड़ी बनाने का काम करते हैं। इन परिवारों की अजीविका का यही साधन है। निकाय चुनाव की आहट के बाद यहां पर आधा दर्जन से अधिक दावेदार चेयरमैन चुनाव के मैदान में हैं। इस बार माहुल नगर पंचायत की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। माहुल में 11 वार्डो में इस बार चार महिलाओं, पांच सामान्य, एक पिछड़ा और एक अनुसूचित के लिए आरक्षित किया गया है। माहुल में यदि मतदाताओं की संख्या पर नजर डालें तो यहां पर मतदाताओं की संख्या नौ हजार 646 है जिसमें से चार हजार 625 महिला और पांच हजार 21 पुरूष मतदाता हैं। वर्ष 2017 में माहुल नगर पंचायत पहली बार अस्तित्व में आई और यहां के पहले चेयरमैन बदरे आलम बने। इस बार बदरे आलम चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। अभी तक इस सीट से आधा दर्जन दावेदार तैयारियों में लगे हुए हैं।

आजमगढ़ की माहुल नगर पंयायत से चेयरमैन की दावेदार नजम फातिमा के पति लियाकत बोले माहुल को चमकाने का करूंगा प्रयास।
आजमगढ़ की माहुल नगर पंयायत से चेयरमैन की दावेदार नजम फातिमा के पति लियाकत बोले माहुल को चमकाने का करूंगा प्रयास।

माहुल को चमकाने का करूंगा प्रयास
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए नजम फातिमा के पति लियाकत का कहना है कि वर्ष 2005 जब यह ग्राम पंचायत थी तो यहां से प्रधानी का चुनाव लड़ा और विजय हुई। बहुत सारे काम भी कराया। ग्राम पंचायत होने के कारण इस क्षेत्र का उतना विकास नहीं हो पाया। वर्ष 2017 में बदले आलम को यहां से चुनाव लड़ाया गया और चुनाव जीतने के बाद उन्होंने बहुत काम भी किया। इस बार सीट जनरल हो जाने से अपनी पत्नी नाज फातमा को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहा हूं। चुनाव में जीत के बाद माहुल को चमकाने का प्रयास करूंगा। लियाकत का कहना है कि बहुत सारी समस्याओं का अभी तक समाधान नहीं हुआ जिसका समाधान किया जाएगा।

आजमगढ़ के माहुल नगर पंचायत में सैय्यदा के पति अशरफ कुरैशी बोले रिमोट वाले चेयरमैन ने किया विश्वासघात।
आजमगढ़ के माहुल नगर पंचायत में सैय्यदा के पति अशरफ कुरैशी बोले रिमोट वाले चेयरमैन ने किया विश्वासघात।

रिमोट वाले चेयरमैन ने किया विश्वासघात
नगर पंचायत चेयरमैन का चुनाव लड़ रहे सैय्यदा के पति अशरफ कुरैशी का कहना है कि पिछली बार चुनाव लड़ा था। पर चुनाव बदरे आलम जीत गए। पांच वर्ष तक चेयरमैन जरूर रहे पर रिमोट वाले। बदरे आलम ने यहां के वोटरों और जनता के साथ विश्वासघात किया है और वोटरों को धोखा दिया। वोटरों की उम्मीदों पर वह खरे नहीं उतर सके। जीते जरूर वह पर चेयरमैनी कोई और किया। इस बात को यहां की जनता और आवाम अच्छे से जानती है कि वह कौन लोग हैं। अशरफ कुरैशी का कहना है कि जनता सच्चाई के साथ है यहां की जनता इस बार परिवर्तन चाहती है, निश्चित रूप से परिवर्तन आएगा ओर विकास के सारे काम भी होंगे।

आजमगढ़ के माहुल में नगर पंचायत का चुनाव लड़ रहे गीता देवी के बेटे आशू बोले जातिवाद के नाम पर किया गया बंटवारा, जनता का सपोर्ट हमारे साथ।
आजमगढ़ के माहुल में नगर पंचायत का चुनाव लड़ रहे गीता देवी के बेटे आशू बोले जातिवाद के नाम पर किया गया बंटवारा, जनता का सपोर्ट हमारे साथ।

जातिवाद के नाम पर बांटा गया
नगर चेयरमैन का चुनाव लड़ रही गीता पत्नी ओमप्रकाश के बेटे आशू जायसवाल का कहना है कि वर्ष 2017 में यहां पर चुनाव लड़ा था और उपविजेता रहा हूं। आशू का कहना है कि यहां के जो नगर पंचायत के अध्यक्ष रहे हैं उन्होंने जातिवाद के नाम पर लोगों को बांटने का काम किया। यहां के नालियों की हालत बदतर है, जहां पर पटिया रखी हैं वहां नालियां नहीं जहां नाली है वहां पटिया नहीं। स्कूलों में बच्चे टाट पट्‌टी पर बैठते हैं। जनता के पैसे का बंटरबांट किया गया है। जनता का प्यार और आशीर्वाद हमारे साथ है। ऐसे में इस बार के चुनाव में इसका फायदा जरूर मिलेगा।

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