आजमगढ़ पर ओवैसी की खरी-खरी:कहा- सपा में भाजपा को हराने की कुव्वत नहीं, निरहुआ बोले- जनता ने अपमान का बदला लिया

आजमगढ़3 महीने पहले

आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत पर सियासत गर्म हो गई है। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "चुनाव के नतीजे से ये साफ है कि भाजपा को हराने की सपा में न तो काबिलियत है और न ही कुव्वत।" उनका निशाना सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर था।

मुस्लिमों को सचेत करते हुए उन्होंने कहा, "अपना कीमती वोट ऐसी निकम्मी पार्टियों को न दें। अपनी सियासी पहचान बनाकर अपने मुकद्दर का फैसला खुद करें।" सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने बसपा और भाजपा पर गठबंधन का आरोप लगाते हुए कहा, "राष्ट्रपति के चुनाव में इसकी पूरी खोल खुल गई।"

जीत के बाद जनता का अभिवादन करते हुए भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ।
जीत के बाद जनता का अभिवादन करते हुए भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ।

निरहुआ बोले- जनता ने लिया बदला
भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने कहा,"जनता ने वोट देकर इसका बदला सपा से ले लिया है। इसका जवाब देने की हमें जरूरत नहीं है। जिस तरह से केंद्र और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार चल रही है। निश्चित रूप से इस जिले का भी विकास होगा। यहां हम उम्मीदों पर खरे उतरने के लिए काम करेंगे। हम लोग जनता के सेवक हैं जनता की सेवा करते रहेंगे।"

आजमगढ़ में मुस्लिम समाज ने छोड़ा सपा का साथ
सपा ने जिस MY यानी मुस्लिम-यादव समीकरण की बदौलत आजमगढ़ में 2019 में बड़ी जीत दर्ज की थी। 2022 आते-आते वो टूटकर बिखर गई। आजमगढ़ में M यानी मुस्लिम ने सपा का साथ छोड़ दिया और Y यानी यादव ने भाजपा के दिनेश लाल निरहुआ पर भरोसा जताया।

आजमगढ़ में बसपा के प्रत्याशी गुड्डू जमाली को 2,66,210 वोट मिले हैं। सपा के धर्मेंद्र यादव को 3,04,089 वोट मिले हैं। भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को 3,12,768 वोट मिले हैं। भाजपा प्रत्याशी की 8679 वोट से जीत हुई है। मुस्लिम समाज का जो वोट जमाली को मिला है, अगर वही वोट सपा के साथ होता। तो जीत सपा को मिल सकती थी। बसपा का वोट 2.24 लाख से बढ़कर 2.66 लाख पहुंच गया। जबकि सपा का वोट 4.35 लाख से घटकर 3.04 लाख पर आ गया। इस तरह से 1.31 लाख वोट घट गए।

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