पूर्व बाहुबली सांसद उमाकांत यादव की संपत्ति होगी कुर्क:आजमगढ़ के रहने वाले उमाकांत यादव पर अपराध से धन अर्जित करने का आरोप,मायावती ने घर से कराया था गिरफ्तार

आजमगढ़2 महीने पहले
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आजमगढ़ जिले के रहने वाले पूर्व बाहुबली सांसद उमाकांत यादव की एक करोड़ से अधिक की संपत्ति होगी कुर्क, अपराध से संपत्ति अर्जित करने का आरोप। - Dainik Bhaskar
आजमगढ़ जिले के रहने वाले पूर्व बाहुबली सांसद उमाकांत यादव की एक करोड़ से अधिक की संपत्ति होगी कुर्क, अपराध से संपत्ति अर्जित करने का आरोप।

पूर्व बाहुबली सांसद उमाकांत यादव की अपराध से अर्जित एक करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क की जाएगी। जिले के दीदारगंज थाने में रजिस्टर्ड यूपी गिरोहबंद व समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम1986 से सम्बन्धित अभियुक्त उमाकान्त यादव दीदारगंज थाना क्षेत्र के सरांवा गांव के निवासी हैं। उमाकांत यादव पर अपराध जगत से धन अर्जित कर संपत्ति बनाने का आरोप है। जिले के डीएम विशाल भारद्वाज ने धारा-14 (1) उ0प्र0 गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम-1986 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक करोड़ एक लाख, 81 हजार 500 की संपत्ति को कुर्क किए जाने का आदेश दिया है।

15 संपत्तियां हुई कुर्क
जिले के डीएम विशाल भारद्वाज ने बताया कि उमाकांत यादव द्वारा अपराध से अर्जित 15 संपत्तियों को चिन्हित किया गया है। इन संपत्तियों को जल्द ही कुर्क कर लिया जाएगा। इन संपत्तियों में अधिकतर संपत्तियां फूलपुर विधानसभा क्षेत्र में हैं।

कौन हैं उमाकांत यादव
यूपी के जौनपुर जिले के मछली शहर से बीएसपी सांसद रह चुके बाहुबली उमाकांत यादव यूपी के पहले बाहुबली सांसद हैं, जि‍न पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई है। उमाकांत यादव के भाई बाहुबली रमाकांत यादव बीजेपी से सांसद रह चुके हैं। वह 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव के खिलाफ चुनाव लड़े थे और वर्तमान में आजमगढ़ की फूलपुर विधानसभा से विधायक हैं।

मायावती ने अपने घर से कराया था गिरफ्तार
उमाकांत यादव को सांसद रहने के दौरान ही मायावती ने अपनी सरकार में जमीन पर कब्‍जा करने के आरोप में अपने घर के पास से गिरफ्तार कराया था। 2007 में फरारी के दौरान उमाकांत यादव तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती से मिलने गए थे। मायावती ने तत्कालीन डीजीपी विक्रम सिंह को बुलाकर गिरफ्तार कराया था।

कोर्ट ने दिया था फैसला
2007-08 में जेल में रहते हुए उमाकांत यादव पर जौनपुर में एक ब्राह्मण महिला की जमीन फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने का आरोप लगा था। मामले में गीता नाम की महि‍ला की याचि‍का पर जौनपुर दीवानी न्यायालय ने उन्हें सात साल की सजा सुना चुकी है।

बीएसपी और सपा से वि‍धायक-सांसद रह चुके हैं उमाकांत यादव
आजमगढ़ में बाहुबली के रूप में उमाकांत यादव 1991 में बीएसपी से खुटहन वि‍धानसभा से वि‍धायक बने।1993 में वे सपा बसपा गठबंधन से दूसरी बार इसी सीट से विधायक चुने गए। 1996 के चुनाव में सपा बसपा गठबंधन टूटने के बाद उमाकांत यादव बीएसपी छोड़ समाजवादी पार्टी से वि‍धायक बने। 2002 के विधान सभा चुनाव में उमाकांत यादव ने बीजेपी-जदयू गठबंधन से खुटहन से चुनाव लड़ा, लेकिन बसपा प्रत्याशी शैलेंद्र यादव ललई से हार गये। 2004 लोकसभा चुनाव में उमाकांत यादव जेल बंद रहते हुए एक बार फिर से मछलीशहर से बीएसपी के टि‍कट पर बीजेपी के प्रदेश अध्‍यक्ष केसरी नाथ त्रि‍पाठी को हरा कर सांसद बने।

जमीन कब्जा का लगता रहा है आरोप
1996 में सपा के टि‍कट पर वि‍धायक चुने जाने के बाद उमाकांत यादव ने महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबु हासिम आजमी के रिश्तेदार की जमीन कब्जा कर लिया। 2007 में आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र के पलिया गांव के ग्राम प्रधान की दुकान पर बुल्डोजर चलाकर उस पर कब्जा करने का आरोप लगा। आजमगढ़ जिले के फूलपुर के पूराहादी अम्बारी के पास पांच अक्टूबर 2019 को खादी आश्रम की जमीन पर भी कब्जा करने का आरोप लगा था। खादी आश्रम की इस जमीन पर रातों-रात उमाकांत यादव ने आवास उमाकांत यादव का बोर्ड लगवा दिया था, मामले की शिकायत होने पर तत्कालीन कमिश्नर कनकलता त्रिपाठी ने पूर्व सांसद उमाकांत यादव सहित तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। 2004 के शपथ पत्र के अनुसार, उमाकांत यादव पर 2 हत्‍या के, 2 हत्‍या के प्रयास, 2 धोखाधडी सहि‍त 20 और मामले दर्ज हैं। अभियुक्त उमाकांत यादव पर कुछ 54 आपराधिक गंभीर मामले आजमगढ़ जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।

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