स्कूलों में नामांकन को लेकर तीन का रोका गया वेतन:आजमगढ़ जिले में लक्ष्य के अनुसार नहीं हो रहा नामांकन, सरकार ने रखा है 81118 का लक्ष्य

आजमगढ़3 महीने पहले
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आजमगढ़ जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल सिंह का कहना है कि जल्द ही हम लक्ष्य को पूरा करेंगे। - Dainik Bhaskar
आजमगढ़ जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल सिंह का कहना है कि जल्द ही हम लक्ष्य को पूरा करेंगे।

आजमगढ़ जिले में परिषदीय स्कूलों में नामांकन की रफ्तार बहुत धीरे चल रही है। प्रदेश सरकार के स्कूल चलो अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में बच्चों का अधिक से अधिक नामांकन कराने को अप्रैल माह से अभियान चलाया जा रहा है। स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके बाद भी नामांकन की प्रगति ठीक नही है। ऐसे में खराब प्रगति वाले तीन खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। इनमें अहिरौला, अजमतगढ़ व अतरौलिया प्रमुख हैं।

साढ़े 63 हजार हुआ नामांकन
जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल सिंह का कहना है कि सरकार के अभियान को हम पूरा करने के प्रयास में लगे हुए हैं। अभी तक हमने 63 हजार 500 का लक्ष्य पूरा किया है। जल्द ही हम लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे। शिक्षा अधिकारी का कहना है कि इस अभियान का मुख्य मकसद यह है कि इन स्कूलों में नामांकन बढ़ाया जा सके। इस अभियान के लिए जिले के बड़ी संख्या में शिक्षकों को लगाया गया है, जो गांव-गांव जाकर बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें अपने बच्चों को इन परिषदीय विद्यालयों में भेजने का आग्रह करेंगे, जिससे इन परिषदीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ सके। सरकार के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत लगातार शिक्षक गांव-गांव जाकर लक्ष्य प्राप्त करने की कोशिश में लगे हुए हैं। स्कूल चलो अभियान का मुख्य मकसद सरकारी स्कूलों में अधिक से अधिक बच्चों का दाखिला कराना है। सरकार की मंशा है कि बच्चों को इन सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षित किया जा सके। यही कारण है कि जिले के स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे बच्चे इन स्कूलों की तरफ आकर्षित हों और दाखिला कराकर यहां पर शिक्षा ग्रहण करें।

जिले में 2703 स्कूल
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी 2703 स्कूलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। जिले में प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1720 है जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय 528 हैं और जिले में कंपोजिट विद्यालयों की संख्या 455 है।