आजमगढ़ SP ने पशु तस्कर मुस्तकीम गैंग को किया सूचीबद्ध:जिले के बिलरियागंज के रहने वाले हैं सदस्य, D-80 नाम से जाना जाएगा गैंग

आजमगढ़5 महीने पहले
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आजमगढ़ जिले के SP अनुराग आर्य ने पशु तस्कर मुस्तकीम गैंग को किया पंजीकृत, जिले में लगातार अपराधियों के खिलाफ चल रहा पुलिस का अभियान। - Dainik Bhaskar
आजमगढ़ जिले के SP अनुराग आर्य ने पशु तस्कर मुस्तकीम गैंग को किया पंजीकृत, जिले में लगातार अपराधियों के खिलाफ चल रहा पुलिस का अभियान।

आजमगढ़ के SP अनुराग आर्य ने अपराधियों के विरूद्ध अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत लगातार जिले के अपराधियों पर कार्रवाई की जा रही है। जिले के बिलरियागंज में संगठित गैंग बनाकर अपराध करने वाले मुस्तकीम पुत्र मोहम्मद हनीफ के गैंग को पंजीकृत किया गया है। यह गैंग अब मुस्तकीम गैंग के नाम से जाना जाएगा। इस गैंग की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए यह गैंग पंजीकृत किया गया है। इस गैंग का कोड नम्बर D-80 होगा।

जघन्य अपराध करता है गिरोह
जिले के SP अनुराग आर्य ने स्वयं का गैंग बनाकर गौ-हत्या, पशु-तस्करी जैसे जघन्य अपराध कार्य करने वाले इस गैंग को सूचीबद्ध किया है। इस गैंग में तीन और सदस्य हैं, जिनमें ताहिर, शाहनवाज व अनवर है। यह सभी लोग बिलरियागंज के रहने वाले हैं और इस काम को अंजाम देते थे। ऐसे में गिरोह पर कार्रवाई की गई।

गुरूप्रसाद गैंग भी हो चुका है पंजीकृत
मुस्तकीम गैंग से पहले जिले में संगठित गिरोह बनाकर अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले गुरूप्रसाद गैंग को पंजीकृत किया गया है। जिले के गंभीरपुर थाने के इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर गुरुप्रसाद उर्फ बेंचूराम ग्राम अमौड़ा के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि वह गैंग के लीडर के रूप में काम करते हुए जिले में संगठित गिरोह बनाकर अपराधों को अंजाम देता था। गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए आपराधिक माफिया गैंग को सूचीबद्ध किया गया है। यह गैंग अब गुरुप्रसाद गैंग के नाम से जाना जाएगा और इसका कोड नम्बर D-79 होगा। इस गैंग में नौ सदस्य हैं।

15 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
जिले के SP अनुराग आर्य ने अपराधियों की कमर तोड़ कर रख दी है। जिले में मुख्तार अंसारी गिरोह की साढ़े 11 करोड़ की संपत्ति 14 A गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त की जा चुकी है। जबकि साढ़े तीन करोड़ की संपत्ति शराब माफियाओं की जब्त की गई है। इस प्रकार कुल मिलाकर अपराधियों के विरूद्ध चलाए गए इस अभियान के अन्तर्गत 15 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसमें मुख्तार अंसारी की लखनऊ में अपराध से अर्जित प्रापर्टी जिसकी कीमत तीन करोड़, मुख्तार गैंग के हिस्ट्रीशीटर शाहजमां उर्फ नैय्यर की तीन करोड़ की संपत्ति है। रजिस्टर्ड गैंग D-72 के सरगना अशरफ जमां पुत्र रूस्तम अली की डेढ़ करोड़ की संपत्ति जिले के मोहम्मदपुर फेटी थाना बरदह व लखनऊ की पेपर मिल कॉलोनी की अपराध से अर्जित इस संपत्ति को धारा 14(1) यूपी गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त किया गया है। SP का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती रहेगी।