आजमगढ़ से ISIS आतंकी गिरफ्तार:​​​​​​​स्वतंत्रता दिवस पर थी धमाके की प्लानिंग, ISIS के रिक्रूटर के संपर्क में था सबाउद्दीन; AIMIM का सदस्य है

आजमगढ़4 महीने पहले

स्वतंत्रता दिवस के पहले धमाके की साजिश रच रहे एक ISIS आतंकी को यूपी ATS ने आजमगढ़ से गिरफ्तार किया है। सबाउद्दीन आजमी नाम का यह आतंकी ISIS के रिक्रूटर से सीधे संपर्क में था। ATS ने उससे IED बनाने का सामान भी बरामद किया है। IED इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस होती है। इसे कई तरीकों से सक्रिय किया जा सकता है।

गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए ATS हेड ऑफिस लाया गया है। उसका मोबाइल डेटा भी खंगाला गया। इसमें उसके टेलीग्राम चैनल AL-SAQR MEDIA से जुड़े हुए होने के सबूत मिले हैं। यह ग्रुप जेहाद के लिए मुस्लिम युवकों का ब्रेनवॉश करने के लिए बनाया गया है। सबाउद्दीन आजमी इस समय असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी AIMIM का सदस्य है।

ATS ने बताया, "सबाउद्दीन ने RSS के नाम से मेल आईडी बनाई। उससे फेसबुक अकाउंट बना कर वह RSS से जुड़े लोगों को टारगेट करने की योजना पर काम कर रहा था। उसके कब्जे से तमंचा, शोल्डिंग आयरन, मोबाइल और चाइनीज कील बरामद हुई है।"

सबाउद्दीन आजमी सबाहु, दिलावर खान, बैरम खान और आजर के नाम से भी अपनी पहचान बदलता रहता है। वह मुबारकपुर के अमिलो का रहने वाला है।

सबाउद्दीन अपना हुलिया बदलता रहता था, जिससे उसे कोई पकड़ न सके।
सबाउद्दीन अपना हुलिया बदलता रहता था, जिससे उसे कोई पकड़ न सके।

मुस्लिम युवकों का ब्रेनवॉश करता था
ATS के अधिकारियों का कहना है, "सबाउद्दीन से पूछताछ में सामने आया है कि वह मुस्लिम युवकों का ब्रेनवॉश करता था। यह भी पता चला है कि वह अक्सर बिलाल नाम के व्यक्ति से फेसबुक पर चैट करता था। इसमें बिलाल उसे जिहाद और कश्मीर में मुजाहिदों पर हो रही कार्रवाई के बारे में बताता था। बातों-बातों में ही बिलाल ने उसको मूसा उर्फ खत्ताब कश्मीरी का नंबर दिया। मूसा ISIS का सदस्य है। बाद में मूसा से भी सबाउद्दीन की बात होने लगी।"

ATS के अनुसार, "कश्मीर में मुजाहिदों पर हो रहे जुल्म का बदला लेने की योजना के बारे में मूसा ने ही उसे बताया था। साथ ही उसे ISIS के अबू बकर अल-शामी का नंबर दिया, जो इस समय सीरिया में है।"

बदला लेने का प्लान बना रहा था आरोपी
ATS के अधिकारियों ने बताया, "अबू बकर अल शामी के संपर्क में आने के बाद सबाउद्दीन ने मुजाहिदों पर हो रही कार्रवाई का बदला लेने की ठानी। इसके बाद वह ISIS की तरह भारत में भी एक इस्लामिक संगठन बनाने और IED बनाने के बारे में जानकारी ली।"

अधिकारियों ने बताया, "अबू बकर ने सबाउद्दीन को IED बनाने का तरीका और जरूरी चीजों के बारे में बताया। उसने सबाउद्दीन का संपर्क ISIS रिक्रूटर अबू उमर, जो मुर्तानिया का रहने वाला है, से कराया। अबू उमर ने सबाउद्दीन को ऐप के माध्यम से हैंड ग्रेनेड, बम और IED बनाने की ट्रेनिंग दी। फिर वे लोग मुजाहिद्दीन संगठन तैयार कर भारत में इस्लामिक स्टेट स्थापित करने की योजना पर काम करने लगे। साथ ही देश में इस्लामी हुकूमत और शरिया कानून लागू कराने की भी उनकी योजना थी।"