आजमगढ़...प्रधानों ने किया प्रदर्शन, बाजार रेट ज्यादा:प्रधान बोले सरकारी दरों व बाजारू दरों में अंतर, विकास कार्य कराने में हो रही समस्या, DM ने दिया आश्वासन

आजमगढ़5 महीने पहले
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आजमगढ़ में प्रधानों ने सरकारी दरों व बाजारू दरों में अंतर को लेकर किया प्रदर्शन, डीएम बोले संशोधित होंगी दरें। - Dainik Bhaskar
आजमगढ़ में प्रधानों ने सरकारी दरों व बाजारू दरों में अंतर को लेकर किया प्रदर्शन, डीएम बोले संशोधित होंगी दरें।

आजमगढ़ जिले के प्रधानों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांग को रखा है। जिले के अंबेडकर पार्क में प्रदर्शन कर रहे प्रधानों का कहना है कि लगातार विकास कार्य में प्रयुक्त होने वाले सामानों की कीमतें बढ़ रही हैं, पर हम लोगों को महंगी दरों पर खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन से हमारी मांग है कि जिला प्रशासन सामानों की कीमतें बढ़ाए, जिससे हम लोगों को समस्या न हो।

यह बोले प्रधान
अंबेडकर पार्क में प्रदर्शन करने वाले प्रधान संघ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि वर्तमान समय में प्रधानों को सरकार से मिलने वाली सामग्री की दर बाजार के सामग्री दर से बहुत कम है, तथा कुछ ऐसी सामग्री भी हैं जिनके सरकारी दर बाजार दर का आधा है इस प्रकार की विसंगति के कारण प्रधानों द्वारा विकास कार्य करवा पाना लगभग असंभव सा है और उन्हें बहुत सारी दुश्वारियों एवं कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान श्रीराम यादव का कहना है कि हम लोगों को काफी समस्या हो रही है।

सरकारी व बाजरू दरों में काफी अंतर
प्रधान संघ के राजेश सिंह ने बताया कि सरकारी दरें और बाजार दरों में बहुत अंतर है। ऐसे में हम लोगों को काफी समस्या हो रही है। राजेश सिंह ने बताया कि सीमेंट की सरकारी दरें 326 रूपया प्रति बोरी है जबकि बाजार में 450 से 490 की दर से मिल रही हैं। वहीं ईंट 6195 रूपया सरकारी दर है जबकि बाजार में 7500 से 8000 में ट्राली मिल रही है। इसी तरह सरिया 4448 प्रति कुंतल है, जबकि बाजार में 8200 से 9000 प्रति कुंतल है। वहीं बालू मोरंग 4800 सरकारी दर 9000 से 10000तक मिल रहा है। जबकि गिट्टी सरकारी दर 2700 रूपया वर्ग फुट बाजार कीमत 4500 है। चोपन बालू महीन सरकारी दर 4500 है जबकि बाजार दर 8500 रूपया है। ऐसे में हम लोगों को काम कराने में काफी दिक्कत हो रही है।

डीएम बोले बढ़ेगीं दरें
जिले के डीएम विशाल भारद्वाज का कहना है कि प्रधानों की मांग पर यह निर्णय लिया गया है कि सामग्री की दरों में वृद्धि कर दी जाएगी। जिससे किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।

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