निरहुआ के संघर्ष की कहानी, बहन की जुबानी:गांव-गांव में घूमकर गाना गाते थे, पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाली

आजमगढ़3 महीने पहले

दिनेश लाल यादव निरहुआ! भोजपुरी सुपरस्टार! अब आजमगढ़ के भाजपा सांसद! पिता की 21 साल पहले मौत हो गई थी। तब, निरहुआ बस किशोरावस्था की दहलीज लांघ रहे थे। परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। मगर, रुके नहीं। संघर्ष किया। उनके स्ट्रगल की साक्षी उनकी बड़ी बहन ललिता देवी रही हैं। दैनिक भास्कर से ललिता देवी ने निरहुआ की जिंदगी की मुश्किलों और खुशियों दोनों पर खुलकर बात की। पढ़िए, बहन की जुबानी, निरहुआ की कहानी।

"पिता के ड्यूटी पर जाते ही टीवी चलाकर नाचते थे"

ललिता देवी कहती हैं," निरहुआ की पढ़ाई-लिखाई पश्चिम बंगाल में हुई। मगर उनका पढ़ाई-लिखाई से ज्यादा मन संगीत में लगता था। यही वजह है कि पिता के नौकरी पर चले जाने के बाद वह कमरा बंद कर टीवी चलाकर डांस किया करते थे। शुरू-शुरू में शौक में करते थे। मगर, धीरे-धीरे इससे पैसे आने लगे और परिवार का खर्च चलने लगा। निरहुआ को कार्यक्रमों में गाने के लिए बुलाया जाने लगा। उनके गाने सुनने के लिए देर रात तक भीड़ बैठकर इंतजार करती थी।" निरहुवा गाजीपुर के टड़वां गांव के रहने वाले हैं।

आजमगढ़ के नवनिर्वाचित सांसद अपनी बड़ी बहन ललिता देवी और जीजा उदयभान यादव के साथ।
आजमगढ़ के नवनिर्वाचित सांसद अपनी बड़ी बहन ललिता देवी और जीजा उदयभान यादव के साथ।

"2001 में पिता का निधन हो गया था"

बहन कहती हैं, "पिता श्रीकुमार यादव पश्चिम बंगाल में प्राइवेट नौकरी करते थे। 1995 में वह गांव आ गए। 2001 में पिता का निधन हो गया। इसके बाद घर-परिवार चलाने की जिम्मेदारी निरहुआ के कंधे पर आ गई। वह गीत-संगीत में ही लगा रहता था। यही वजह है कि उसकी मेहनत रंग लाई और आज इस मुकाम पर पहुंच गया।"

मां की गोद में लेटे हुए निरहुआ। उन्होंने यह फोटो अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की है।
मां की गोद में लेटे हुए निरहुआ। उन्होंने यह फोटो अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की है।

"निरहुआ सटल रहे... ने बदली लाइफ"

ललिता कहती हैं, "हमारे ताऊ के बेटे विजय लाल बिरहा गाने के साथ फिल्में भी बनाते हैं। उनसे भी निरहुआ को बहुत कुछ सीखने को मिला। निरहुआ गांव-गांव में कार्यक्रमों में गाना गाते थे। लोग उनकी आवाज को पंसद करते थे। 2003 में एलबम ‘निरहुआ सटल रहे’ ने उनको पहचान दी। इस गाने ने मेरे भाई को हीरो बना दिया। इसके बाद ‘निरहुआ रिक्शावाला’, ‘रंगीला बाबू’ जैसी कई भोजपुरी फिल्में कीं। इनमें एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे के साथ निरहुआ की केमिस्ट्री को जनता ने खूब पसंद किया।

इस फोटो में निरहुआ की मां (रेड साड़ी) और बहन (नीले कलर की साड़ी) में है।
इस फोटो में निरहुआ की मां (रेड साड़ी) और बहन (नीले कलर की साड़ी) में है।

"रक्षाबंधन पर जरूर मिलते हैं भैया"

बड़ी बहन कहती हैं," निरहुआ चाहे जहां कहीं भी रहे। रक्षाबंधन को हम तीनों बहनों से जरूर मिलकर राखी बंधवाते हैं। उनका कहना है कि जब से टिकट मिला, तभी से हम लोग देवी-देवताओं से भाई की जीत के लिए मन्नत मांग रहे थे। भगवान ने हम लोगों की अरदास सुन ली। हम तीन बहन और दो भाई हैं।"