बदायूं के एंबुलेंस संचालन में घोटाले की गंध, जांच बैठी:डीजी हेल्थ ने सात दिन में मांगी रिपोर्ट, फर्जी मरीजों के नाम पर ट्रिप दिखाकर गोलमाल का शक

बदायूं3 महीने पहले
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बदायूं में एंबुलेंस संचालन में फर्जीवाड़े की गंध उठने लगी है। फर्जी मरीजों के नाम-पते व आधारकार्ड लगाकर ट्रिपें दिखाई गई हैं। हर महीने करोड़ों का डीजल घपला समेत वाहनों के मेंटेनेंस आदि में खपाए गए हैं। शासनस्तर पर इसकी भनक लगी तो डीजी हेल्थ ने CMO को पत्र भेजकर इस पूरे मामले में की जांच करके सप्ताहभर में रिपोर्ट मांगी है। इस कार्रवाई से एंबुलेंस संचालन कराने वाली संस्था में खलबली मची हुई है।
जिले में 108 सेवा की 36 तो 102 सेवा की 42 एंबुलेंस हैं। इसके अलावा एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) सेवा की दो एंबुलेंस भी हैं। पिछले दिनों शासनस्तर पर शिकायतें गई थीं कि फर्जी मरीजों के आधारकार्ड लगाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने से लेकर रेफर दिखाया गया था। लाखों रुपये हर महीने का गोलमाल हो रहा था।
असली मरीजों को नहीं मिलती एंबुलेंस
इधर, एंबुलेंस लगातार विजी दिखाई जाती थीं। इस फर्जी आंकड़े के कारण असली मरीजों को सेवा नहीं मिल पाती थी। क्योंकि जब असली मरीज सेवा मांगते थे तो बताया जाता था कि सभी एंबुलेंस मरीजों की सेवा में लगी हैं। नतीजतन लोग निजी एंबुलेंस का सहारा लेने लगे।
प्रदेशभर में चलेगी जांच
डीजी हेल्थ ने प्रदेशभर के सभी जिलों में यह जांच का करने का भी आदेश दिया है। इसके लिए CMO एक कमेटी बनाएंगे। कमेटी एंबुलेंस संचालन के रिकार्ड का आडिट करेगी। जिन मरीजों के नाम-पते रिकार्ड में दर्ज हैं, उनसे टीम संपर्क करेगी कि कभी उन्हें एंबुलेंस की जरूरत पड़ी भी थी या नहीं। एक सप्ताह में यह आख्या शासन को जाएगी और वहां से प्रभावी कार्रवाई होगी। CMO डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि पत्र मिल चुका है। आज कमेटी गठित की जाएगी।