बदायूं में 6 दिन बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव:गंभीर रूप से घायल बेहोशी की हालत में मिला था शव, दूसरे दिन अस्पताल में हो गई थी मौत

बदायूं2 महीने पहले

बदायूं में पुलिस का सिस्टम पूरी तरह लाचार हो चुका है। लाचारगी की इंतहा यह है कि एक शख्स की लाश 6 दिन तक जिला अस्पताल की मोर्चरी में पड़ी करती रही। क्योंकि उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। ऐसे में न तो कोई अपना ही यहां पहुंचा और ना ही पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उसके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई। मामला गुरुवार यानी आज जग जाहिर हुआ तो आनन-फानन में जिम्मेदारों ने सिपाहियों को भेजकर जिला अस्पताल की मोर्चरी से सड़ी गली लाश निकलवाई और उसे अब पोस्टमार्टम को भेजा गया है।

बदायूं में रेलवे स्टेशन के पास 23 नवंबर को एक अज्ञात व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला था। वह गंभीर रूप से घायल था। मामले की जानकारी किसी ने एंबुलेंस 108 को दी तो टीम वहां पहुंची और उसे सीधे जिला अस्पताल में लाकर भर्ती करा दिया। क्योंकि आरोपी की जेब खाली थी और वह बोलने की स्थिति में नहीं था। कुल मिलाकर उसके पास कुछ भी ऐसा नहीं था जो उसका नाम या पता बताने में मददगार साबित हो सके। ऐसे में स्टाफ ने उसे अज्ञात में भर्ती कर लिया।

दूसरे दिन हुई मौत

24 नवंबर को इस शख्स की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई तो स्टाफ ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया। इधर, भर्ती होने से लेकर मृत्यु तक की सूचना अस्पताल प्रशासन ने लिखित प्रपत्र पर पुलिस को प्रेषित की और थाना सिविल लाइन पुलिस ने उसे रिसीव किया। जबकि इसके बाद पुलिस भूल गई कि उनकी कस्टडी में एक मुर्दा भी है।

सात दिन बाद आई सुध

1 दिसंबर यानी आज सिविल लाइंस पुलिस की नींद टूटी वह भी उन हालात में जब लाश पर सवाल खड़े होने लगे। आनन-फानन में लाश को पोस्टमार्टम हाउस मंगवा लिया। हालांकि 6 दिन में यहां लाश की कुगत हो चुकी थी। कीड़े भी पड़ चुके हैं।

यह है प्रावधान

अज्ञात शव को लेकर शासन द्वारा प्रावधान भी दिया गया है कि शव मिलने के बाद 72 घंटे तक उसे सुरक्षित रखा जाएगा और उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया समेत आसपास के जिलों की पुलिस को साझा की जाएंगी। ताकि उसके परिजन मिल जाए और लाश उनकी सुपुर्दगी में दी जाए।

72 घंटे बाद भी शव के बारे में कोई जानकारी न मिले तो पुलिस अपने स्तर से ही उसका पोस्टमार्टम कराती है और इसके बाद अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी भी खाकी की ही बनती है। रिपोर्ट के आधार पर मामले की तफ्तीश भी पुलिस ही करती है। हालांकि बदायूं में सब कुछ इसके उलट हो चुका है। सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने बताया कि फिलहाल यह प्रकरण संज्ञान में नहीं है हालांकि मामला गंभीर है मामले की जानकारी जुटा रहे हैं।

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