बदायूं में गैंगस्टर यशपाल का प्लाट-गाड़ी कुर्क:जहरीली शराब बनाकर बेचने का मास्टर माइंड है शातिर, 3 लोगों की हुई थी मौत

बदायूं2 महीने पहले

बदायूं में जहरीली शराब बनाकर बेचने वाले गिरोह के मास्टर माइंड गैंगस्टर यशपाल की संपत्ति कुर्क करने का नंबर प्रशासन ने लगा दिया। अफसरों ने शहर में मौजूद उसका एक प्लाट समेत उसकी कार को कुर्क कर दिया है। प्लाट की कीमत 6,17,100 तो कार तकरीबन 3 लाख रुपए की है। अफसरों का कहना है कि उसके गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की संपत्ति भी कुर्क की जाएगी।

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के बाबट गांव निवासी यशपाल रातों रात लखपति बनने वालों में से एक है। गुनाह के रास्ते पर चल कर उसने तमाम संपत्ति अर्जित कर डाली। यशपाल का मुख्य व्यवसाय जहरीली शराब बनाकर उसे ठेकों के माध्यम से बेचना था। इसी कारोबार ने पिछले पंचायत चुनाव में 3 लोगों की जान ले ली। जबकि एक युवक की आंखों की रोशनी चली गई। क्योंकि, इन लोगों ने उसकी बनाई जहरीली शराब पी थी।

यशपाल का प्लाट कुर्क करने से पहले मुनादी कराई गई।
यशपाल का प्लाट कुर्क करने से पहले मुनादी कराई गई।

ये हुआ था कांड
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक मूसाझाग इलाके के तिगुलापुर गांव में दो अप्रैल 2021 को जहरीली शराब के सेवन से वहां रहने वाले मुन्नालाल, संजय मौर्य, प्रेमदास की मौत हो गई थी। वहीं अमर सिंह की आंखों की रोशनी चली गई। इस कांड के बाद सिस्टम की नींव हिल गई। क्योंकि यहां बड़े स्तर पर अफसरों की लापरवाही उजागर हुई थी।

ये हुई कार्रवाई
इस मामले की जांच में पता लगा कि प्रधानी चुनाव के प्रत्याशियों द्वारा कई दिन से वोटरों को लुभाने के लिए शराब परोसी जा रही थी। नतीजतन फौरी कार्रवाई के तहत अफसरों ने दावेदार सत्यभान, उसके भाई ब्रजभान के अलावा दूसरे प्रत्याशी रामस्वरूप और गांव के ही रामकिशोर के खिलाफ मुकदमा कायम कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

फिर माफिया तक पहुंचे अफसर
आरोपियों से पूछताछ में पता लगा कि शराब गांव के पास स्थित ठेके से लाई जा रही थी। ठेके की चेकिंग हुई तो सामने आया कि वहां जिस क्यूआर कोड की शराब बिक रही थी, वह शहर की पुरानी चुंगी पर स्थित है। यहां छापेमारी में भारी मात्रा में नकली क्यूआर कोड, सील समेत जहरीली शराब बरामद हुई। नतीजतन ठेके के अनुज्ञापी समेत उसके बेटे और माफिया यशपाल के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। अनुज्ञापी की जेल में मौत हो गई। जबकि यशपाल समेत उसके गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई।

अब संपत्ति हुई कुर्क
इधर, प्रशासन ने गैंगस्टर यशपाल की संपत्ति के बारे में पड़ताल की तो पता लगा कि उसका पैतृक मकान पिता के नाम पर है। हालांकि शहर के पक्का ताल के पास उसका एक प्लाट निकला। वहीं एक बैगनार कार भी उसके नाम मिली। पुलिस ने इस संपत्ति को शुक्रवार को कुर्क कर लिया है। सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने बताया कि उसके साथियों को भी नहीं बख्शा जाएगा।