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  • Abu Bakr, A Resident Of Bahraich, Got His Early Education In Saudi Arabia, Came To India In 2013 And Took Admission In Deoband, Went To Delhi For Jamaat

दिल्ली में पकड़े गए आतंकी का UP कनेक्शन:बहराइच के अबु बकर की शुरुआती पढ़ाई सऊदी अरब में हुई; 2013 में देवबंद में दाखिला लिया, जमात के लिए गया था दिल्ली

बहराइचएक दिन पहले
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दिल्ली में पकड़ा गया आतंकी मोहम्मद अबु बकर बहराइच का रहने वाला है। एक हफ्ते पहले वह दिल्ली जमात में गया था। वहीं ATS ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अबु बकर के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें कभी इस बात की भनक तक नहीं लगी कि अबु बकर किसी आतंकी संगठन से जुड़ा है। वहीं, परिवार का कहना है कि अबु बकर निर्दोष है। पुलिस को मामले की ठीक से छानबीन करनी चाहिए।

छोटे भाई मोहम्मद उमर ने बताया कि अबु बकर 5 साल का था, जब हमारा पूरा परिवार सऊदी अरब चला गया था। वहीं हम लोगों की शुरुआती पढ़ाई भी हुई। 2013 में हम दोनों सऊदी अरब से लौट आए थे। उसके बाद सहारनपुर के देवबंद चले गए। वहां हमने आगे की पढ़ाई पूरी की।

बहराइच में घर बनवा रहा था
लगभग डेढ़ साल पहले अबु बकर ने कैसरगंज के सोनारी चौराहे पर घर का काम शुरू कराया। मोहम्मद उमर ने बताया कि अभी हम लोग चाचा के साथ रह रहे थे। इससे पहले हम लोग अपने पैतृक गांव प्यारेपुर में थे। अबु बकर के चाचा मोहम्मद अम्मार ने बताया कि अबु ऐसी गतिविधियों में बिल्कुल शामिल नहीं था। पुलिस को एक बार फिर से मामले की जांच करनी चाहिए।

सऊदी अरब से लौटने के बाद अबु बकर ने गांव में नया घर बनवाया है।
सऊदी अरब से लौटने के बाद अबु बकर ने गांव में नया घर बनवाया है।

पिता सऊदी में टैक्सी ड्राइवर, मां बहराइच में रहती है
अबु बकर के पिता का नाम सुन्ना खान है। वो सऊदी में मदरसे की गाड़ी चलाते हैं। पुश्तैनी मकान प्यारेपुर में है, लेकिन अभी वहां कोई नहीं रहता है। पिछले डेढ़ साल से चाचा का पूरा परिवार और अबु बकर का छोटा भाई सोनाली चौराहे पर बने नए मकान में रहते हैं। चाचा टेंट की दुकान चलाते हैं। अबु बकर की मां बहराइच में ही रहती है। छोटा भाई कुछ नहीं करता है। घर में ही दुकान का निर्माण हो रहा है। उसी में कोई बिजनेस करने की सोच रहे थे।

अबु बकर का भाई मोहम्मद उमर और चाचा।
अबु बकर का भाई मोहम्मद उमर और चाचा।

दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस कर रहा था फंडिंग
एटीएस की जांच में पता चला है कि अबु बकर को दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इब्राहिम फंडिंग कर रहा था। इसके चलते वह कम समय में ही ऐशो आराम की जिंदगी जीने लगा था। हाल में ही उसने हाईवे से सटे चौराहे पर एक नए मकान का निर्माण भी कराया है।

पड़ोसी बोले- कभी लगा नहीं अबु ऐसे संगठन से जुड़ा है
अबू बकर के पड़ोसियों ने बताया कि पिछले चार-पांच महीनों से वह यहीं रह रहा था, लेकिन इस दौरान बिल्कुल ऐसा नहीं लगा कि वह किसी ऐसे संगठन से जुड़ा हुआ है। जब जानकारी हुई तो सभी के होश उड़ गए। एक बार तो विश्वास भी नहीं हुआ। अब तो डर सा लग रहा है।

कैसरगंज के सोनारी चौराहे के पास स्थित अबु बकर के नए आवास के पास बुधवार की सुबह पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। लोग अपने घरों में दुबके रहे। लोगों के अंदर डर बना हुआ है कि कभी भी यहां पुलिस आ सकती है और पूछताछ कर सकती है। सड़कों पर लगने वाली भीड़ गायब है। बेवजह लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। आतंकी की गिरफ्तारी के बाद लोग सहमे हुए हैं।

पड़ोसी अबु बकर की हरकतों से अनजान थे। उसके घर के पास वाली सड़क पर अच्छी खासी चहल पहल रहती थी। बुधवार को वहां सन्नाटा पसरा रहा।
पड़ोसी अबु बकर की हरकतों से अनजान थे। उसके घर के पास वाली सड़क पर अच्छी खासी चहल पहल रहती थी। बुधवार को वहां सन्नाटा पसरा रहा।
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