लखीमपुर में डिप्टी सीएम व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के कार्यक्रम मेंं जाने के दौरान हुए किसानों से बवाल में बहराइच के दो किसान की मौत के बाद जिले के बार्डर को अघोषित सील कर दिया गया है। बार्डर पर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया। वहीं, मृतक किसान के गांव में आक्रोशित किसानों को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। किसानों को लखीमपुर के लिए नहीं जाने दिया। मृतक किसान के घर से लेकर जालिमनगर पुल का पुलिस का जबरदस्त पहरा बना रहा।
उधर, किसानों के घर सपा जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव, वरिष्ठ नेता डॉ. मोहम्मद आलम सरहदी, जिला उपाध्यक्ष राजेश चौधरी व जिला कार्यकारिणी के सदस्य मोहमद तारिक अंसारी, शमीउद्दीन उर्फ मुन्ना मारिया खबर पाते ही तत्काल मौके पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दिया।
क्या है मामला?
लखीमपुर जिले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के पैतृक आवास बनबीरपुर गांव में है। यहां आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ करने रविवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या पहुंचे। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा का पैतृक गांव बनवारी है। यहां पर कुशती प्रतियोगिता का शुभारंभ करने आ रहे थे, जबकि साथ में गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा मौजूद रहे। गृह राज्यमंत्री के बयान से आक्रोशित किसानों ने कार्यक्रम का विरोध प्रदर्शन किया तो मामला बढ़ गया और बवाल हो गया। जिसमें बहराइच जिले के नानपारा कोतवाली क्षेत्र के मोहनिया गांव निवासी गुरविंदर सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह व बंजारा टांडा निवासी दलजीत सिंह पुत्र हरी सिंह की मौत हो गई।
सपा जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादब ने लखीमपुर खीरी में शांतिपूर्ण तरीके से धरना व प्रदर्शन कर रहे किसानों पर भाजपा नेताओं, गृह राज्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के इशारे पर किसानों की निर्मम हत्या का कड़ा विरोध किया। साथ ही पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा तथा परिवार के 1-1 सदस्य को सरकारी नौकरी देने का सरकार से मांग की।
आने-जाने वालों की पुलिस कर रही चेकिंग
लखीमपुर में हुए बवाल में बहराइच के किसान की मौत की सूचना किसान आक्रोशित हो उठे और लखीमपुर जिले में कूच करने की तैयारी शुरू कर दी। लखीमपुर जिले में किसानों के जाने की इनपुट मिलते ही एसपी ने बहराइच-लखीमपुर बार्डर पर स्थित जालिमनगर पुल को छावनी में तब्दील कर दिया। मोतीपुर थानाध्यक्ष आरपी यादव की अगुवाई में हर आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी शुरू हो गई। देखने से प्रतीत हो रहा था कि मानो बार्डर को सील कर दिया हो, लेकिन ऐसा रहा नहीं।
मृतक किसानों के गांव में आक्रोशित किसानों को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात रही। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार कमान संभाले रहे। देर रात तक किसानों में काफी आक्रोश रहा और लोग लखीमपुर जिले में जाने के लिए जद्दोजहद करते रहे। एसपी रावत ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर चेकिंग अभियान के निर्देश दिए गए हैं।
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