बहराइच में दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को मिलेंगे 10 लाख:55 दिन में सुनाया गया फैसला, कोर्ट ने 2 साल की दुष्कर्म पीड़िता को दिया 'सिंहनी' नाम; जिला प्रशासन अब देगा सहायता

बहराइच10 महीने पहले
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16 अगस्त को जिला सत्र न्यायालय ने मासूम से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी।  - Dainik Bhaskar
16 अगस्त को जिला सत्र न्यायालय ने मासूम से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी। 

22 जून को दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुई 2 साल की मासूम बच्ची के परिजनों की सहायता के लिए अब जिला प्रशासन भी सामने आया है। उप्र रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से पीड़ित परिजनों को 10 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसका फैसला लिया गया है। बताते चले कि 16 अगस्त को जिला सत्र न्यायालय ने मासूम से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी।

22 जून को मां की गोद से छीन ले गया था दरिंदा

नानपारा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बीते 22 जून को अपनी मां के साथ सो रही दो साल की दुधमुंही बच्ची को गांव का ही परशुराम उसे मां की गोद से उठा ले गया था। वहां से महज कुछ कदमों की दूरी पर बने प्राइमरी विद्यालय में उसके साथ दरिंदगी की। परिजन जब सुबह उठे तो उन्होंने देखा बच्ची गायब है। जब लोगों ने ढूंढा तो बच्ची लहुलुहान हालत में विद्यालय में मिली। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को इलाज के लिए भिजवाया जहां उसकी मौत हो गयी।

पुलिस के चंगुल से भागा तो हुआ एनकाउंटर

वहीं 22 जून को ही आरोपी परशुराम को गिरफ्तार कर लिया गया था। मेडिकल परिक्षण के बाद जब उसे न्यायलय रिमांड के लिए ले जाया जा रहा था तो वह पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया लेकिन पुलिस ने एनकाउंटर कर उसे दबोच लिया था। गोली उसके पैर में लगी थी।

10 दिन से लगातार हुई सुनवाई

मृतक के पिता की तहरीर पर आरोपी परशुराम के खिलाफ अपहरण, बलात्कार समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। अधिवक्ता संत प्रताप सिंह ने बताया कि सोमवार को पॉक्सो एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश नितिन पांडेय ने 55 दिन में आठ पेशी के बाद फांसी की सजा सुनाई। अधिवक्ता संत प्रताप सिंह ने बताया कि इस सुनवाई के लिए लगातार 10 दिन तक बहस चली। जिसमें सोमवार को जज ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है।

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