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बहराइच में चक्रवाती तूफान ने मचाई तबाही:आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत, तूफान से बिछिया-मिहीपुरवा मार्ग पर गिरे दर्जनों पेड़; जंगल के रास्ते में घंटों फंसे रहे लोग

बहराइच13 दिन पहले
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बिछिया-मिहीपुरवा मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। - Dainik Bhaskar
बिछिया-मिहीपुरवा मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित रहा।

बहराइच में कतर्नियाघाट जंगल इलाके में आंधी तूफान ने भारी तबाही मचाई है। करीब आधे घंटे के तूफान की जद में आकर जंगल मार्ग पर दर्जनों पेड़ टूटकर सड़क पर गिरे गए। जिसके चलते आने जाने का रास्ता प्रभावित रहा। वहीं आबादी में भी तूफान से कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। जबकि आकाशीय बिजली गिरने की वजह से एक किसान की मौत भी हो गई है।

आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत

जिले के जंगल क्षेत्र में मंगलवार की शाम को अचानक मौसम परिवर्तन हुआ इस दौरान चक्रवाती तूफान ने जंगल व आबादी क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। थाना सुजौली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत जंगल गुलरिया के धर्मपुर रेतिया गांव में तूफान के दौरान चमक और गरज के बीच आकाशीय बिजली गिर गई. जिसकी जद में आकर खेत काम कर रहे किसान दीनबंधु उम्र 37 वर्ष की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। किसान की मौत की ख़बर से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिवकुमार निषाद ने बताया कि किसान की मौत आकाशीय बिजली की चपेट में आकर हुई है। घटना की जानकारी प्रशासन को दी गई है साथ ही मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

दर्जनों पेड़ टूट कर रास्तों पर गिरे

कतर्नियाघाट जंगल इलाके में आंधी तूफान से मिहीपुरवा-बिछिया मार्ग पर साखू, सागौन समेत कई अन्य प्रजाति के दर्जनों पेड़ जगह जगह टूटकर व उखड़कर सड़क पर गिर गए। जिसके चलते आवागमन पूरी रात प्रभावित रहा। बहराइच, मिहीपुरवा, नानपारा व अन्य जगहों पर लौट रहे सैकड़ो लोग मार्ग प्रभावित होने के चलते फंसे रहे। जंगल में फंसे सुजौली क्षेत्र के श्रवन नायक, सोनू खान, फरीद अंसारी, सरोज गुप्ता व समाजसेवी जंग हिंदुस्तानी ने बताया कि चक्रवाती तूफान से जंगल का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया। कई पेड़ हटाकर निकलने का प्रयास किया गया लेकिन मार्ग पर गिरने वाले पेड़ों की संख्या अधिक थी। जिससे उन्हें वापस लौटना पड़ा।

ड़ हटाकर निकलने का प्रयास किया गया लेकिन मार्ग पर गिरने वाले पेड़ों की संख्या अधिक थी।
ड़ हटाकर निकलने का प्रयास किया गया लेकिन मार्ग पर गिरने वाले पेड़ों की संख्या अधिक थी।

तूफान का असर थाना सुजौली क्षेत्र के चफरिया, कारीकोट, आम्बा, बर्दिया, मटेही, जंगल गुलरिया, चहलवा आदि गांवों में रहा। जहां पर कई पेड़ तूफान से टूटकर लोगों के घरों पर गिरे हैं। ग्राम पंचायत चहलवा के मजरा ज़ाहिद पुरवा, मंगल पुरवा में गांव निवासी मीरा देवी, विश्राम चौहान, रामएकपाल, दीपू मिश्रा, संजय सिंह, रामबहादुर निषाद आदि के कच्चे व पक्के मकान तूफान से गिरे पेड़ों की जद में आकर ढह गए हैं। जिससे लोगों का भारी नुकसान हुआ है। चहलवा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रीतम निषाद ने बताया कि घटना की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है।

कच्चे व पक्के मकान तूफान से गिरे पेड़ों की जद में आकर ढह गए हैं।
कच्चे व पक्के मकान तूफान से गिरे पेड़ों की जद में आकर ढह गए हैं।

सशस्त्र सीमा बल के निशानगाड़ा कैम्प में गिरे पेड़, बाल-बाल बचे जवान

चक्रवाती तूफान से एसएसबी 70वी बटालियन कैम्प निशानगाड़ा समवाय के परिसर में साखू के चार पेड़ गिरे गए। जिसकी जद में आकर एनसीओ बैराक, जवान बैराक, सोलर वाटर हीटर व मुख्य द्वार आदि क्षतिग्रस्त हुआ है। जिससे काफी नुकसान हुआ है। वहीं तूफान से सीमा चौकी धर्मापुर में एक भारी पेड़ फेंसिंग के ऊपर गिर गया। जिससे लगभग 20 मीटर फेंसिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। निशानगाड़ा कैम्प प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने बताया कि घटना से जवान बालबाल बच गए और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।

एसएसबी कैम्प पर भी पेड़ गिरे हैं।
एसएसबी कैम्प पर भी पेड़ गिरे हैं।
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