चिकित्सकों के स्थानांतरण से अस्पताल की व्यवस्था बेपटरी:आयुर्वेदिक चिकित्सकों के सहारे चल रहा अस्पताल, मरीजों को नहीं मिल रहे डॉक्टर

बेल्थरा रोड, बलिया5 महीने पहले
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बेल्थरा रोड में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों के स्थानांतरण के फरमान के बाद सीएचसी सीयर की व्यवस्था पटरी से उतर गई है। हालत यह है कि वर्तमान समय में अस्पताल आरबीएसके और आयुर्वेदिक चिकित्सकों के सहारे है। इस सम्बन्ध में अस्पताल के अधीक्षक डॉ तनवीर आजम का कहना है कि चिकित्सकों के स्थानांतरण के चलते अन्य चिकित्सकों की सहायता से अस्पताल की व्यवस्था चलाई जा रही है।

प्रदेश में चिकित्सकों के स्थानांतरण की घोषणा के बाद से ही सीएचसी सीयर में मरीजों को एमबीबीएस चिकित्सक की सेवा मिलना लगभग बंद हो चुकी है। प्रतिदिन तीन से चार सौ ओपीडी वाले सीएचसी सीयर में मंगलवार को एक एमबीबीएस चिकित्सक तक उपलब्ध नजर नहीं आया। अस्पताल आयुर्वेद के संविदा चिकित्सक और आरबीएसके चिकित्सक (स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने वाले चिकित्सक) के भरोसे चल रहा था।

आयुर्वेद चिकित्सकों के सहारे अस्पताल।
आयुर्वेद चिकित्सकों के सहारे अस्पताल।
बिना डॉक्टर के मरीज परेशान।
बिना डॉक्टर के मरीज परेशान।

डॉक्टरों के तबादले से अस्पताल खाली

इस सम्बन्ध में जब अस्पताल के अधीक्षक डॉ. तनवीर आजम से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि चिकित्सकों के स्थानांतरण के चलते ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। जानकारी दी कि उनका भी स्थानांतरण हो चुका है। कहा कि आप देख रहे हैं कि अभी मैं डॉ. साजिद हुसैन को यहां से रीलिज करने का कार्य कर रहा हूं। कहा कि अभी इधर उधर से मैनेज कर आयुर्वेदिक व अन्य चिकित्सकों से अस्पताल का संचालन करा रहा हूं। अस्पताल पर नए चिकित्सकों की नियुक्ति के बारे में पूछे जाने पर बताया कि अभी कोई नया चिकित्सक अस्पताल पर नहीं आया है। इसलिए अन्य चिकित्सकों की मदद ली जा रही है।

डॉक्टर का कक्ष पूरी तरह से खाली था।
डॉक्टर का कक्ष पूरी तरह से खाली था।
अस्पताल के दवा काउंटर पर मरीजों की भारी भीड़ रही।
अस्पताल के दवा काउंटर पर मरीजों की भारी भीड़ रही।

दवा काउंटर पर मरीजों की भीड़

इस दौरान पूरे अस्पताल में भगदड़ की स्थिति बनी हुई थी। अस्पताल के जांच केन्द्र में कोई कर्मचारी नजर नहीं आ रहा था। ऐसे में चिकित्सकों के संरक्षण से निजी पैथालॉजी के संचालक अस्पताल परिसर में मरीजों का फायदा उठा रहे थे। अस्पताल का दवा केंद्र मरीजों से भरा हुआ था। जहां निजी फार्मेसी कॉलेज के बच्चों द्वारा दवा वितरण करने का कार्य जारी था।

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