कहीं गोदाम फुल, कहीं बोरे के अभाव खरीद ठप:बलिया में किसान क्रय केंद्रों का काट रहे चक्कर, अब तक सिर्फ 44 हजार MT धान की खरीद

बलिया5 महीने पहले
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बलिया में शासन की ओर से धान खरीद में टोकन व्यवस्था समाप्त कर दिए जाने के बाद भी किसानों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। कहीं बोरों का अभाव सामने आ रहा है तो कहीं भंडारण का संकट दिख रहा। हालांकि जिला विपणन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि 43 क्रय केंद्रों पर बिना टोकन के धान की खरीद सोमवार को हुई।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक लक्ष्य एक लाख 24 हजार 400 एमटी के सापेक्ष महज 44 हजार एमटी धान की अब तक खरीद हो सकी है। कहीं गोदाम फुल तो कहीं पर बोरे के अभाव में धान की खरीद बंद है। आनाज बेचने को परेशान किसान क्रय केंद्रों का चक्कर काट रहे हैं। क्रय केंद्र रेवती पर पहले से खरीदे गए करीब 11 हजार क्विंटल धान का उठान नहीं हो सका है। ऐसे में जगह के अभाव में खरीद बंद है।

किसान, कर्मचारियों और पल्लेदारों में विवाद

यहां तैनात एमआई राजीव चौरसिया का कहना है कि किसान, कर्मचारियों और पल्लेदारों के बीच विवाद हो रहा है। गोदाम खाली कराने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। धान का उठान होने के बाद खरीद होगी। बिल्थरारोड तहसील क्षेत्र में एक दर्जन धान क्रय केंद्र संचालित हो रहे हैं। टोकन का नियम समाप्त होने के बावजूद खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। कुछ क्रय केंद्रों पर बोरे का अभाव भी खरीद के मार्ग में रोड़ा अटका रहा है। हालांकि धान क्रय केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर आनाज लेकर पहुंचे किसान परेशान हैं।

गोदाम भरने की वजह से तौल बंद

रसड़ा के 5 धान क्रय केंद्रों में 3 मार्केटिंग व एक पीसीएफ का है। मंडी समिति के एक केंद्र पर गोदाम भरने की वजह से वहां की तौल बंद है। चितबड़ागांव के क्रय केंद्र पर भी ठेकेदार द्वारा वाहन उपलब्ध नहीं कराये जाने से गोदाम धान से भर चुका है। ऐसे में धान की खरीद प्रभावित हो रही है। सिकंदरपुर के मार्केटिंग विभाग के क्रय केंद्र पर दर्जनों किसान गोदाम पर अपनी ट्रॉली लेकर लाइन में डटे हुए हैं।

धान से लदी ट्रॉलियां केंद्र पर खड़ी

केंद्र प्रभारी का कहना है कि करीब 6 किसानों से 600 क्विंटल की खरीद हो गई है। हालांकि गाड़ी उपलब्ध नहीं होने से गोदाम में जगह नहीं है। इसके चलते खरीद बंद है। नगरा के विपणन केंद्र पर टोकन व्यवस्था खत्म होने के बाद खरीदारी शुरू हुई। टोकन व्यवस्था खत्म होने के बाद किसान धान से लदी ट्रॉलियों को लेकर केंद्र पर जुट गए।

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