बलिया में चुनाव में पीपा पुल खड़ी करेगा बाधा:नौरंगा पीपा पुल का 2 महीने बाद भी नहीं हुआ निर्माण, पोलिंग पार्टियों को आने-जाने में होगी दिक्कत

बलिया5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बलिया में चुनाव में पीपा पुल खड़ा करेगा बाधा। - Dainik Bhaskar
बलिया में चुनाव में पीपा पुल खड़ा करेगा बाधा।

बलिया में तय सीमा समाप्त होने के 2 महीने बाद भी जिले के गंगा उस पार के गांवों को जोड़ने वाले नौरंगा पीपा पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। मौके पर रखे गए चंद पीपे सिस्टम को मुंह चिढ़ाते दिख रहे हैं। कुछ दिनों बाद ही चुनाव भी होने वाला है। इसी पुल से होकर पोलिंग पार्टियों से लगायत प्रशासनिक अधिकारियों तक को आवागमन करना है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की उदासीनता लोगों के समझ से परे है।

25 हजार की आबादी प्रभावित

नौरंगा गंगा घाट पर पीपा पुल का निर्माण हर वर्ष 15 नवंबर तक पूरा कर देने का निर्देश है। जबकि मौके पर अब तक इसकी सुगबुगाहट भी नहीं दिख रही है। पीपा पुल के अभाव में गंगा पार बैरिया तहसील के नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की, उपाध्याय टोला की करीब 25 हजार की आबादी के साथ ही नदी इस पार के पांडेयपुर, जगदेवा, दयाछपरा, उदयीछपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय का टोला, गंगौली, श्रीनगर आदि गांवों के हजारों की आबादी को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रभावित इन गांवों के किसानों का कहना है कि, कटान के कारण नदी इस पार के किसानों का हजारों एकड़ खेत नदी उस पार चला गया है। बाढ़ के कारण खरीफ की फसल तो नष्ट हुई ही, पुल के अभाव में संसाधन नहीं पहुंच पाने से रबी की बुआई भी बाधित हो गई। उधर, नदी उस पार की पंचायत नौरंगा के ग्रामीणों को तहसील से लगायत जिला मुख्यालय आना कठिन हो गया है। नाव से आवाजाही के लिए नाविकों को मनमाना किराया देने के साथ ही 25 से 30 किमी की अतिरक्ति यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है। यहां के अधिसंख्य बच्चों का दाखिला दूबेछपरा, बैरिया आदि के स्कूलों में हुआ है। इन छात्रों की पढ़ाई भी ठप पड़ी है।

दूसरी ओर कार्यदायी संस्था लोक नर्मिाण विभाग लोगों की इन दिक्कतों से बेफक्रि है। आलम यह है कि नर्धिारित अवधि बीतने के दो महीने बाद तक इसकी सुगबुगाहट नहीं है। मौके पर डाले गए चंद पीपे ग्रामीणों को मुंह चिढ़ा रहे हैं।

विभाग को याद नहीं रहती निर्माण की तिथि

बैरिया तहसील के नौरि और अन्य प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पुल खोलने के लिए तय दिन यानी ठीक 14 जून को पुल खोलना तो शुरू कर देते हैं, लेकिन निर्माण पूर्ण करने की अवधि 15 नवंबर विभाग हर साल भूल जाता है। नतीजा 7 महीने चलने वाला उक्त पीपा पुल 4 महीने भी नहीं चल पाता है।

चुनाव से पहले यदि नौरंगा पीपा पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया तो पोलिंग पार्टियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को भी भारी दिक्कतें आनी तय है। यही नहीं, निर्विवाद और निष्पक्ष चुनाव करा पाना भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा। कारण कि पुल के अभाव में अधिकारियों को वाहनों से गंगा पार के गांवों तक पहुंचने में घंटों का अतिरक्ति समय बर्बाद करना पड़ेगा। अन्यथा की स्थिति में नाव द्वारा नदी पार करने में बिना वाहन होने के कारण मिलों का सफर पैदल तय करना पड़ेगा, जो आसान नहीं होगा।

15 दिन के अंदर निर्माण पूरा करा दिया जाएगा

लोक निर्माण विभाग के जेई देवचंद गुप्ता का कहना है कि पुराने स्थान पर पीपा लगाने का कार्य शुरू हो गया था। ग्रामीणों के विरोध के कारण इसे रोकना पड़ा। नए चयनित जगह पर पुन: पीपा लाया जा रहा है। 15 दिन के अंदर निर्माण पूरा करा दिया जाएगा।