गौशाला पर लाखों खर्च, फिर भी घूम रहे आवारा पशु:बलिया में 2 स्थाई और 26 अस्थाई गौशाला का संचालन, 12 टीमें पशुओं को पकड़ने में लगीं

बलिया6 महीने पहले
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बलिया जिले में छुट्टा पशुओं को पकड़ने के साथ ही उनके रख-रखाव पर लाखों रुपए हर महीने खर्च हो रहा है। इसके बावजूद लोगों को छुट्टा पशुओं के उत्पात से निजात नहीं मिल रही है। आलम यह है कि झुंड में घूम रहे यह छुट्टा पशु किसानों की फसल बर्बाद करने के साथ ही सड़क पर आवागमन बाधित करते हैं। कई बार छुट्टा पशु दुर्घटनाओं का करण बनते हैं।

विभिन्न ग्राम पंचायतों में गौ आश्रय स्थल

यह स्थिति तब है जब जिले में दो वृहद समेत कुल 28 अस्थायी गोशाला हैं, जिनमें कुल 2,200 के आसपास पशु रखे गए हैं। साथ ही छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए 12 टीमें वाहन के साथ घूम कर रही हैं। किसान छुट्टा पशुओं के उत्पात से परेशान हो गए हैं। कड़ाके की ठंड में मसूर, मटर और गेहूं के फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। कहने को तो क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में गौ आश्रय स्थल हैं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा हैं। किसान दिन-रात फसलों की रखवाली को मजबूर हैं।

किसानों को मारने के लिए दौड़ाते हैं

ग्रामीण क्षेत्रों में घुमंतू पशुओं द्वारा किसानों के फसल गेहूं, चना, मटर, सरसो, सब्जी के खेतों में धमा चौकड़ी करने और चरने से फसल बर्बाद हो रही है। किसानों का कहना है कि खेतों से घुमंतू पशुओं को भगाने पर मारने के लिए दौड़ा लेते हैं। किसान खेतों की निगरानी करने के लिए रतजगा करने को मजबूर हो गए हैं। झुंड में घूमने वाले कुछ मनबढ़ पशुओं को भगाने पर किसानों को मारने के लिए दौड़ा लेते हैं।

इस संबंध में प्रभारी सीडीओ डॉ. संजय का कहना है कि छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए टीम बनाई जा चुकी है। अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़ा जाएगा। जल्द ही आमजन को इनसे निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

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