बलिया…बार्डर पर होगी चौकसी, जलमार्ग पर पहरा:चुनाव के समय मादक पदार्थ और असलहों की तस्करी, रोक लगाने को लेकर पुलिस ने बनाया प्लान

बलिया4 महीने पहले
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बलिया में छोटे-बड़े हर चुनाव में पड़ोसी राज्य बिहार से आने मादक पदार्थ और अवैध असलहा मुसीबत बनते हैं। इसको रोकने की चुनौती पुलिस के कंधों पर होती है। इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए दोनों राज्यों की पुलिस साझा रणनीति तैयार कर चुकी है। उनकी योजना बार्डर पर दोनों तरफ से चौकसी और नदियों में पहरा लगाने की है।

इन जगहों से यूपी बिहार से जुड़ता है

3 तरफा बिहार और नदियों से घिरे इस जनपद में सड़क, पगड़ियां और जलमार्ग से लोगों का यूपी-बिहार के बीच आना-जाना होता है। वैसे वैधानिक तरीके से नरहीं के भरौली में गंगा नदी पर निर्मित वीर कुंवर सिंह सेतु बिहार के बक्सर से जोड़ता है। इसी प्रकार बैरिया के चांददियर में स्थित जयप्रभा सेतु बिहार के छपरा (सारण) को और दुबहड़ थाना क्षेत्र के शिवरामपुर घाट पर निर्मित जनेश्वर मिश्र सेतु बिहार के भोजपुर को जोड़ता है। इसके अलावे खरीद-दरौली, नौरंगा और लालगंज के पास महुली घाट पर पीपा पुल का निर्माण होता है।

उक्त रास्तों के अलावे गंगा और घाघरा नदी के रास्ते नाव से आवागमन किया जाता है। रेलमार्ग से भी छपरा से जनपद जुड़ा हुआ है। जरूरत के सामानों के साथ ही बिहार से गांजा, लाल बालू और अवैध हथियारों की खेप जिले में आती है। इसी प्रकार शराब की सप्लाई अवैध तरीके से तस्कर बिहार करते हैं। बिहार के कुछ अपराधियों का दखल भी चुनाव के दौरान बढ़ जाता है। ऐसे में चुनाव के दौरान यह चुनौती पुलिस के सामने होती है।

साझा अभियान चलाएगी दोनों राज्यों की पुलिस

कुछ दिनों पहले नरहीं के कोरंटाडीह डाक बंगला पर यूपी-बिहार के पुलिस अधिकारी बैठक कर साझा योजना बना चुके हैं। निर्णय लिया गया है कि, अवैध मादक पदार्थों और अपराधियों पर रोक लगाने के लिए साझा अभियान चलाया जाएगा। बिहार पुलिस ने यूपी पुलिस के अफसरों को चुनाव के दौरान हर संभव मदद और सहयोग करने का भरोसा दिया है। इस संबंध में एएसपी विजय त्रिपाठी का कहना है कि विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार पुलिस के साथ बैठक कर चर्चा हो चुकी है। चुनाव के दौरान बिहार के सहयोग से अपराधियों और गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। दोनों तरफ की पुलिस एक-दूसरे को अपराधियों की सूची सौंपेगी।

बॉर्डर पर बैरियर संग लगेंगे सीसीटीवी

बिहार को जोड़ने वाले दो प्रमुख रास्तों भरौली और चांददियर में बैरियर के साथ ही सीसीटीवी भी लगाए जाएंगे। सूत्रों की मानें तो दोनों जगहों पर पहले से लगे सीसीटीवी कैमरे खराब हो चुके हैं। बैरियर के सहारे पुलिस तभी चेकिंग करती है, जब अधिकारियों का निर्देश होता है। वैसे अवैध कारोबार करने वाले तस्कर और अपराधी अधिकांशत: दियारा और नदियों के रास्ते ही अपना काम कर लेते हैं।

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