बलिया के सुरहा ताल को जलमार्ग से जोड़ने की तैयारी:परिवहन मंत्री बोले- जलमार्ग से पर्यटन के नए युग की शुरुआत होगी, रोजगार का मिलेगा अवसर

बलिया2 महीने पहले
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गंगा नदी में वाराणसी से हल्दिया तक विकसित हो रहे राष्ट्रीय जलमार्ग नंबर एक के बीच बलिया में जल परिवहन का हब बनेगा। सूबे के परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि बिहार की सीमा पर स्थित बलिया का जल परिवहन में महत्वपूर्ण स्थान होगा। जलमार्ग के हो रहे विकास के क्रम में यहां करीब 3 जेट्टी के निर्माण की योजना है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि पिछले दिनों हुई कैबिनेट में वाराणसी से बलिया के बीच करीब 15 जेट्टी बनाए जाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है। जेट्टी के निर्माण के साथ ही यहां जहाजों के ठहराव आदि का रास्ता साफ हो जाएगा। जेट्टी बन जाने के बाद जलमार्ग से होकर गुजरने वाले जहाज सीधे यहां रुक सकेंगे और उन पर सामान उतारने व चढ़ाने का काम किया जा सकेगा। जलमार्ग के विकसित होने से जनपद में पर्यटन के एक नए युग की शुरुआत होगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही लोगों को रोजगार का भी अवसर मिलेगा। जिले के नाविक गंगा नदी में नावों व बोट आदि का संचालन आसानी से कर सकेंगे।

किसान सब्जी सहित अन्य उत्पाद सीधे भेज सकेंगे
जनपद के जल परिवहन से जुड़ने के बाद इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। किसान सब्जी व अपने अन्य उत्पाद सीधे वाराणसी भेज सकेंगे। जहाजों का आवागमन शुरू होने के बाद किसी भी सामान की ढुलाई सड़क मार्ग के अपेक्षा काफी सस्ती व सुविधाजनक होगी।

सुरहा ताल में जल्द नावों के संचालन की योजना
उन्होंने कहा कि जल परिवहन यातायात का सबसे सुगम और बहुत सस्ता माध्यम है। इससे जहां सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा तो हादसों पर भी विराम लगेगा। जलमार्ग के विकसित होने के बाद कटहल नाला के रास्ते इसे सीधे सुरहा ताल से जोड़ा जाएगा। यह पर्यटन के लिहाज से बहुत बड़ा काम होगा। इसे देखते हुए ही सुरहा ताल में जल्द नावों के संचालन की योजना बनाई गई है। सुरहा ताल में ईको टूरिज्म की व्यवस्था स्थापित की जाएगी।

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