नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को हुई सजा:7 साल 3 महीने बाद मिला पीड़िता को न्याय,आरोपी को 5 साल की सजा, 5 हजार रुपये का अर्थदंड

बलरामपुर2 महीने पहले
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बलरामपुर जिले के ललिया थाना क्षेत्र में सात साल बाद एक पिता को अपनी बेटी के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में न्याय मिला है। सात साल तक मामले की पैरवी करने के बाद गुरुवार को न्यायालय ने आरोपी को 5 साल की कड़ी सजा और 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

दरअसल थाना ललिया क्षेत्र के रहने वाले आरोपी ने एक नाबालिग के साथ साल 2015 में छेड़छाड़ की वारदात को अंजाम दिया था । जिसके बाद पीड़िता के पिता ने थाना ललिया में लिखित शिकायत देकर पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था । तत्कालीन विवेचना अधिकारी मंसाराम रावत द्वारा आरोपी के खिलाफ मिले साक्ष्य के आधार पर न्यायालय पर चार्जशीट दाखिल की गई थी ।

विशेष न्यायालय ने सुनाई सजा

चार्जशीट दाखिल होने के बाद पीड़िता के बयान और उसके पिता के बयान सहित तमाम गवाहों के बयान को मद्देनजर रखते हुए विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट बलरामपुर ने पूरे मामले में आरोपी को दोषी पाया और उसे 5 साल की कड़ी सजा सुनाई। साथ ही 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

बेटी को न्याय दिलाने में कामयाब हुआ पिता

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि यदि आरोपी अर्थदंड नहीं जमा करता है तो उसे 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पूरे मामले पर पीड़िता के पिता का कहना है कि देर से ही सही लेकिन बेटी को इंसाफ दिलाने में कामयाब रहा हूं।

वहीं पुलिस अधीक्षक राजेश सक्सेना का कहना है कि लगातार पैरोकारों और न्यायालय के कार्यों में लगे पुलिसकर्मियों को हिदायत दी जाती है कि किसी भी आपराधिक मामले में लापरवाही न बरती जाए । इस मुकदमे में ललिया सर्किल के सीओ राधा रमण सिंह, ललिया थाना पुलिस कर्मियों का विशेष योगदान है । जिससे एक पिता ने अपनी पुत्री को इंसाफ दिलाने में कामयाबी हासिल की है । ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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